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अधिकारियो की टेबल से दूर होंगे फाइलों के गट्ठर, ई-ऑफिस होंगे दफ्तर

 

  • शासन ने पेपरलेस ऑफिस करने के लिए कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश।
  • मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी निगरानी।

बरेली । सचिवालय की तर्ज पर जिले में भी सरकारी दफ्तरों में कामकाज ऑनलाइन होगा। कार्यालयों को ई-ऑफिस बनाकर पेपरलेस किया जाएगा। शासन के आदेश पर काम शुरू हो गया है। यह व्यवस्था लागू होने से अफसरों की टेबल पर फाइलों के गट्ठर नजर नहीं आएंगे। एक अफसर की लॉगिन से दूसरे अफसर के पास फाइल जाएगी और हस्ताक्षर भी डिजिटल होंगी। इसकी शुरुआत राजस्व विभाग से होगी।
सरकारी कार्यालयों में इस व्यवस्था को लागू करने के आदेश वर्ष 2023 में दिए गए थे लेकिन बीच में चुनाव की वजह से काम रुक गया। अब चुनाव के बाद शासन ने ई-ऑफिस बनाने पर जोर दिया है। दो दिन पहले अपर मुख्य सचिव ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में कार्यालयों को पेपरलेस करने की तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।
कॉन्फ्रेंसिंग में सीडीओ जगप्रवेश और एडीएम प्रशासन दिनेश भी शामिल हुए थे। इसके बाद प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। एक महीने के अंदर व्यवस्था को पेपरलेस करने के लिए कहा गया है। हालांकि जानकारों का मानना है कि इसमें समय लगेगा। प्रत्येक यूजर की सरकारी ई मेल आईडी, मास्टर डाटा शीट, डिजिटल सिग्नेचर और प्रशिक्षण का कार्य एनआईसी और यूपीएलडी (यूपी इलेक्ट्राॅनिक कारपोरेशन) कराएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा निगरानी
ई-ऑफिस बनाने के कार्यों की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय से हो रही है। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में अपर मुख्य सचिव ने अफसराें से कहा है कि 15 दिन बाद सीएम योगी आदित्यनाथ खुद समीक्षा कर सकते हैं। ई-ऑफिस की शुरुआत सबसे पहले राजस्व विभाग से हो रही है। इसके बाद सभी विभागों में यह व्यवस्था लागू होगी। शासन ने सभी राजस्व विभाग के कार्यालयों का नोडल एडीएम प्रशासन को बनाया गया है, जबकि जिले के अन्य विभागाें के नोडल अफसर सीडीओ रहेंगे।

लखनऊ में रहेगा डाटा सेंटर
जानकारों के मुताबिक कार्यालयों को पेपरलेस बनाने के लिए सभी विभागों काे सरकारी अभिलेखों को स्कैन करते हुए ई-ऑफिस वेबसाइट पर अपलोड करना होगा, ताकि पूरा डाटा ऑनलाइन हो सके। कुछ समय तक अभिलेखों को भी सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर मदद ली जा सके। वहीं, विभागों का डाटा सेंटर लखनऊ में बनाया जाएगा।
ये होंगे फायदे
ई-ऑफिस बनने से कामकाज में पारदर्शिता और कार्याें में तेजी आएगी। कोई भी फाइल लंबे समय तक एक ही जगह नहीं लटकी रहेगी। ऐसा होने पर जवाबदेही, जिम्मेदारी तय होगी। कागज रहित व्यवस्था से पर्यावरण संरक्षण में भी फायदा मिलेगा।

कार्यालयों को ई-ऑफिस बनाने का आदेश हुआ है। इस पर काम शुरू हो गया है। अधिकारियों-कर्मचारियों की सरकारी ई-मेल आईडी बनेगी। प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा।
*दिनेश, एडीएम प्रशासन बरेली*

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