बरेली। देश भर में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच बरेली पुलिस और लखनऊ एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। आरोपियों ने खुद को सीबीआई और बेंगलुरु पुलिस का अधिकारी बताकर व्हाट्सएप और वीडियो कॉल के जरिए इज्जतनगर, बरेली निवासी आईवीआरआई के रिटायर्ड वैज्ञानिक शुकदेव नंदी को डिजिटल अरेस्ट में ले लिया और झांसा देकर ₹1.29 करोड़ की ठगी कर डाली।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह रकम तीन अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई, जिसे आरोपियों ने 125 फर्जी खातों के माध्यम से घुमाया और अंत में क्रिप्टोकरेंसी में बदल कर अपने गैंग के सदस्यों तक पहुंचा दिया। गिरफ्तार चारों आरोपी लखनऊ और गोंडा के रहने वाले हैं, जिन्हें लखनऊ से पकड़ा गया है।
विमलेश कुमार@express views बरखेड़ा।तीन दिन लगातार ब्लॉक के प्रत्येक ग्राम पंचायत मे ग्राम प्रसाशक ब…
होटल राजानी और सेटेलाइट होटल पर लगा ताला, मानकों की अनदेखी और फायर एनओसी न…
वेलकम टू द जंगल के प्रमोशन के लिए पहुंची स्टारकास्ट” बरेली में बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय…
बरेली। सेंट्रल जेल से आज दोपहर एक उम्रकैद का कैदी फरार हो जाने से जेल…
बरेली। चौकी चौराहा स्थित सिटी सेंटर मॉल में रविवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच…
बरेली। जनपद के मीरगंज क्षेत्र में कानूनख व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा…