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लापरवाही से इलाज करने से हुई मौत के मामले मे कोर्ट ने डॉक्टर शैलेन्द्र गंगवार को माना धारा 304 का अभियुक्त

रिपोर्ट:विमलेश कुमार

बरखेड़ा। कोर्ट ने पीलीभीत के सर्जन डॉक्टर शैलेंद्र गंगवार के विरुद्ध ऑपरेशन के समय बरती गई लापरवाही के चलते मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।
सन 2019 में बरखेड़ा कस्बा निवासी विमलेश कुमार ने अपनी गर्भवती पत्नी रीना देवी को डॉक्टर शैलेंद्र के अस्पताल में प्रसव पीड़ा के दौरान भर्ती किया था । 23 अक्टूबर 2019 को रीना देवी का ऑपरेशन किया गया जिसमें उन्होंने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। परंतु बच्चों के जन्म के बाद भी रीना देवी को होश नहीं आया 24 अक्टूबर को लगातार बेहोशी के चलते रीना देवी कोमा में चलीं गई। रीना देवी के पति विमलेश कुमार ने बताया कि डॉक्टर शैलेंद्र ने कहा कि रीना देवी को पीलिया की शिकायत है तथा उन्हें हायर सेंटर में दिखने की सलाह दी ।विमलेश कुमार अपनी पत्नी को फौरन ही बरेली के मेडिसिटी अस्पताल में ले गए जहां उनकी पत्नी रीना देवी की कोमा में रहते ही 29 अक्टूबर 2019 को मृत्यु हो गई थी। मृत्यु के बाद विमलेश कुमार ने डॉक्टर शैलेंद्र पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी जिसके संबंध में न्यायालय ने सीएमओ को एक पैनल गठित करके मामले की जांच करने के आदेश दिए थे सीएमओ द्वारा गठित किए गए डॉक्टर पैनल में डॉ राधेश्याम यादव, डॉक्टर के के जौहरी और डॉ राजेश ने जब डॉक्टर शैलेंद्र से पूछताछ की तो उसमें सामने आया कि एनेस्थीसिया देने वाले डॉक्टर का नाम डॉक्टर शैलेंद्र नहीं बता पाए जिससे यह माना गया कि किसी अप्रशिक्षित द्वारा एनेस्थीसिया देने के कारण अत्यधिक बेहोशी के चलते मरीज की मौत होना संभव है इस रिपोर्ट के आने के बाद न्यायालय ने माना की डॉक्टर शैलेन्द्र गंगवार द्वारा ये जानते हुये की मेरे द्वारा बिना किसी प्रशिक्षित निश्चेतक के निश्चेतना देना और बिना किसी प्रसूती एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ के प्रसव कराने से मरीज की जान को खतरा हो सकता है फिर भी आपरेशन किया गया इसलिए बिना निश्चेतक होते हुए भी उसके द्वारा रीना देवी का बिना निश्चेतक विशेषज्ञ डॉक्टर को साथ लिए आपरेशन किया गया और ऐसा कार्य व आचरणकिया गया जो की भारतीय दंड संहिता की धारा 304 की परिधि में आपराधिक मानव वध के अपराध का आवश्यक तत्व गठित करता है इस प्रकार अभियुक्त को उपरोक्त तत्व परिस्थितियों पर आए तथ्य के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के अंतर्गत तलब कियाजाने का पर्याप्त आधार दर्शित होता है जिसके लिए अभियुक्त डॉक्टर शैलेंद्र गंगवार को धारा 304 भारतीय दंड संहिता के अपराध में विचरण हेतु तलब किये जाने का आधार पर्याप्त है।

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