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बरखेड़ा पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद दलित महिला ने लगाई अधिकारियों से गुहार

 

रिपोर्ट: विमलेश कुमार

बरखेड़ा।शोशल मीडिया पर बायरल ट्वीट के बाद बरखेड़ा पुलिस ने 10 दिन बाद दलित नाबालिग बालिका के दुष्कर्म की रिपोर्ट रातोरात आनन फानन में दर्ज की।पुलिस ने पीड़ित परिवार पर दबाब बनाने को पीड़ित बालिका के भाई को उसी दिन शांति भंग में जेल भेजा था।
थाना बरखेड़ा के अंतर्गत चौकी जिरोनिया के एक गाँव निवासी दलित महिला ने पुलिस अधीक्षक को तहरीर देते हुये बताया कि दिनाँक 20 अक्टूबर की रात 7 बजे उसकी 12वर्षीय छोटी पुत्री घर का सामान लेने घर के पड़ोस में दुकान पर गयी थी ,20 मिनट तक घर बापस न आने पर मेरा पुत्र औऱ मैं देखने निकले तो कुछ बच्चों ने जानकारी दी कि तुम्हारी पुत्री को करन पुत्र जवाहर लाल जबरदस्ती खींचकर ले गया हैं जिसके बाद उसके घर पहुचकर दरबाजा खटखटाया परन्तु दरबाजा न खुलने पर क्षेत्र की चौकी पर शिकायत करने जा रहे थे तभी गाँव के करन रास्ते मे मिल गया,उससे बहन बापस करने को कहा तो आरोपी ने जाति सूचक शब्दो के साथ गालियां देते हुये धमकी दी ,इसके बाद अगले दिन आरोपी के पिता जवाहरलाल मेरी पुत्री को थाने लेकर पहुँचा तो डरी सहमी पुत्री ने बताया कि मुझे बंधक बना कर करन पूरी रात दुष्कर्म करने के बाद धमकी दी कि अगर कोई शिकायत की तो तुझे ब तेरे परिवार को जान से मार दूंगा।

पीड़िता के भाई ने मीडिया से बात करते हुये बताया कि घटना बाले दिन डायल 112 को सूचना के बाद पुलिस गाँव आकर आरोपियों का दरबाजा खुलबाती रही तब मेरी बहन को नही दिया जबकि सुबह आरोपी के पिता थाने लेकर पहुचे और पुलिस ने मेरी बहन को डरा धमका कर मेरे खिलाफ पीटने का आरोप लगाते हुये मुझे जेल भेजा।
पीड़ित परिवार द्वारा चौकी फिर थाने में न्याय की गुहार लगाने के बाद पुलिस अधीक्षक का दरबाजा खटखटाया था।10 दिन तक इस घटना को छिपाये रखने की बजह किया थी इसकी काफी चर्चा है।
मीडिया पर बायरल ट्वीट के बादअधिकारियों के आदेश के बाद कल गुरुवार की रात पीड़िता की तहरीर पर बरखेड़ा पुलिस ने आरोपी करन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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