पीलीभीत। जिले के ग्राम उमरसड़ में खतौनी में बिना बैनामा और बिना वारिसान की सहमति के नाम दर्ज किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस संबंध में ग्रामीण महिला जावित्री देवी पत्नी भीमसेन ने जिलाधिकारी पीलीभीत को प्रार्थना पत्र देकर लेखपाल पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 1419–1424 फसली की खतौनी में दर्ज सहखातेदारों की भूमि में, बिना किसी विक्रय विलेख (बैनामा) के और बिना हिस्सेदारी तय किए, लेखपाल अमित कुमार सक्सेना द्वारा फर्जी तरीके से अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिए गए।
आरोप है कि इस प्रक्रिया में न तो वारिसान की सहमति ली गई और न ही किसी प्रकार का वैधानिक दस्तावेज तैयार किया गया।
प्रार्थिनी का कहना है कि वर्तमान फसली वर्ष 1425–1430 में भी उक्त फर्जी प्रविष्टियां जारी हैं, जिससे वह अपने वैधानिक अधिकार से वंचित हो रही है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगे जाने के बावजूद न विभाग और न ही संबंधित कर्मियों द्वारा कोई संतोषजनक उत्तर दिया गया।
मामले को गंभीर बताते हुए प्रार्थिनी ने जिलाधिकारी से खतौनी की गहन जांच कराने, दोषी लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई करने, फर्जी नाम हटवाने और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाने की मांग की है। शिकायत के साथ पूर्व की खतौनी, वर्तमान खतौनी और अन्य दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं।अब इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
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