पीलीभीत।उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में जिला एवं सत्र न्यायालय ने भ्रष्टाचार और गंभीर अपराधों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए गबन के चर्चित मामले में आरोपी को बड़ी राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। जिला जज ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय से जुड़े करीब 1.01 करोड़ रुपये के संदिग्ध घोटाले के मुख्य आरोपी और निलंबित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम उर रहमान उर्फ इल्हाम शम्सी की अग्रिम जमानत याचिका को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है। आरोपी पर अपनी पत्नी अर्शी खातून के बैंक खाते में लगभग 98 ट्रांजेक्शन के माध्यम से सरकारी धन को अवैध रूप से हस्तांतरित करने का गंभीर आरोप है।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की स्पेशल रिपोर्ट और शासन स्तर पर संचालित उच्चस्तरीय जांच के बीच कोर्ट का यह निर्णय आरोपी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। गौरतलब है कि इस मामले के साथ ही अदालत ने हत्या के एक अन्य मुख्य आरोपी की जमानत याचिका भी नामंजूर कर दी है, जिससे जिले के अपराधियों और भ्रष्टाचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल फरार आरोपी इल्हाम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन वह अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौक इलाके में पुलिस ने नकली और प्रतिबंधित…
पीलीभीत। 'जाको राखे साइयां मार सके न कोय' वाली कहावत पीलीभीत में उस समय सच…
पीलीभीत। जनपद के चर्चित अनिल हत्याकांड और संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी प्रॉपर्टी…
बरेली। थाना कैंट क्षेत्र के धोपेश्वरनाथ मंदिर के सेवादार विजय राठौर ने कथित रूप से…
बरेली । प्रशासन ने अवैध गैस कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति…
बरखेड़ा (पीलीभीत): जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक दबंग युवक द्वारा नाबालिग किशोरी…