अवनीश श्रीवास्तव@express views
पीलीभीत। जतीपुर क्षेत्र में 12 मार्च को दो समुदायों के बीच हुई झड़प में घायल महेंद्र पाल के समय पर प्राथमिक उपचार न मिलने का आरोप सामने आया है। इस मामले में राष्ट्रीय हनुमान दल के पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पीलीभीत को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और आवश्यक विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में संगठन का कहना है कि घायल को जिला अस्पताल लाने के दौरान सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने पुलिस संबंधी औपचारिकताओं का हवाला देते हुए प्राथमिक उपचार में देरी की। पदाधिकारियों के अनुसार उस समय चिकित्सक मौजूद होने के बावजूद मरीज का उचित इलाज नहीं किया गया, जिससे घायल और उनके परिजन असमंजस में रहे।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि मरीज के पहले जतीपुर पीएससी जाने की बात की गई, जबकि वहां इस प्रकार की कोई स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं है। राष्ट्रीय हनुमान दल ने इसे गुमराह करने वाला बयान बताया है और कहा कि इस तरह की देरी से मरीज की स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
ज्ञापन में राष्ट्रीय हनुमान दल ने सीएमओ से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उचित विभागीय कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि भविष्य में मरीजों के उपचार को प्राथमिकता देने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
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