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घोर लापरवाही:प्रसव के दौरान बत्ती गुल, ऑक्सीजन न मिलने से नवजात की तड़प कर मौत

  • अस्पताल कर्मियों ने पिता से ही कराई सफाई, जनरेटर चलाने से किया इंकार।
  • परिजनों ने किया हंगामा, कार्यवाई के आश्वासन पर हुए शांत।

रिपोर्ट:विमलेश कुमार

पीलीभीत/बरखेड़ा। स्वास्थ्य विभाग के लाख दावों के बावजूद सरकारी अस्पतालों में लापरवाही और कुप्रबंधन थमने का नाम नहीं ले रहा है। जनपद के बरखेड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य कर्मियों की कथित संवेदनहीनता के चलते एक नवजात शिशु की दर्दनाक मौत हो गई। ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखे गए नवजात की सांसें बिजली गुल होने और जनरेटर न चलाए जाने के कारण उखड़ गईं। आक्रोशित परिजनों ने रविवार रात 2 बजे से सोमवार सुबह 11 बजे तक शव को अस्पताल परिसर में रखकर भारी रोष व्यक्त किया। बाद में प्रभारी चिकित्साधिकारी के कार्रवाई के ठोस आश्वासन पर परिजन शव ले जाने को राजी हुए। पीड़ित पिता ने मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) को पत्र सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

रात भर चलता रहा लापरवाही का खेल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम जिओरहा कल्यानपुर निवासी सुनील कुमार ने अपनी पत्नी गीता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार (19 अप्रैल ) रात करीब 9:00 बजे बरखेड़ा CHC में भर्ती कराया था। सुनील का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स मधु भारतीय और निशा ने प्रसूता की सही ढंग से देखभाल नहीं की। रात 9 बजे से 2 बजे तक परिजनों को वार्ड के अंदर नहीं जाने दिया गया। हालत बिगड़ने पर भी न तो वरिष्ठ डॉक्टरों को सूचना दी गई और न ही प्रसूता को किसी बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया गया। मानवता और नियमों को ताक पर रखते हुए अस्पताल स्टाफ ने प्रसूता के पति सुनील से ही वार्ड में सफाई का काम (C.P.R व पाइप से गंदगी साफ करना) करवाया।

ऑक्सीजन रुकते ही थम गईं मासूम की सांसें

पीड़ित पिता के मुताबिक, जन्म के बाद नवजात शिशु की स्थिति को देखते हुए उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। लेकिन जन्म के महज 5 मिनट बाद ही अस्पताल की बिजली कट गई। ऑक्सीजन का फ्लो रुकने से बच्चा तड़पने लगा। परिजनों ने जब स्टाफ से तुरंत जनरेटर चलाने की गुहार लगाई, तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि “जनरेटर की व्यवस्था नहीं है।” घुप अंधेरे और ऑक्सीजन की कमी के चलते मासूम ने चंद मिनटों में ही अस्पताल के बेड पर दम तोड़ दिया।

कार्रवाई के आश्वासन पर माने परिजन

इस हृदयविदारक घटना के बाद शोक संतप्त परिवार में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर हत्या के समान लापरवाही का आरोप लगाते हुए नवजात के शव को रात 2 बजे से सोमवार सुबह 11 बजे तक अस्पताल परिसर में ही रखे रखा। हालात बिगड़ते देख प्रभारी चिकित्साधिकारी ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित सुनील कुमार ने CMO को लिखित शिकायत देकर मांग की है कि इस संवेदनहीन कृत्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए व जिम्मेदारों पर कठोर कार्यवाई की जाए।

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