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प्रीपेड मीटरों की खामियों पर भड़के व्यापारी, मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उठाई अनिवार्यता खत्म करने की मांग

पीलीभीत। विद्युत विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटरों से उत्पन्न हो रही भारी समस्याओं और विभाग में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल, उत्तर प्रदेश (पंजी.) की पीलीभीत इकाई ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को 9सूत्रीय मांग पत्र भेजकर उपभोक्ताओं को राहत देने की गुहार लगाई है।

व्यापारियों का आरोप है कि प्रीपेड मीटरों में तकनीकी खामियों और विभाग की मनमानी के चलते हजारों उपभोक्ताओं को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाये हैं। विभाग का सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहा है। उपभोक्ता ऐप पर बिल जमा कर देते हैं, लेकिन पेमेंट अपडेट न होने के कारण हजारों घरों और दुकानों की लाइट कट रही है। बिना किसी ठोस आधार के वर्षों पुराना बकाया दर्शाकर उपभोक्ताओं को रिकवरी भेजी जा रही है। कनेक्शन परमानेंट डिस्कनेक्ट (PD) कराने पर फाइनल बिल में भारी अवैध वसूली की जा रही है।पुरानी सिक्योरिटी मनी को एडजस्ट करने की कोई डिटेल उपभोक्ताओं को नहीं दी जा रही है।मीटर लगने के बाद अधिकांश उपभोक्ताओं के फोन नंबर अपडेट नहीं किए जा रहे हैं और न ही सीलिंग सर्टिफिकेट पोर्टल पर अपलोड हो रहा है। मोबाइल में ऐप डाउनलोड करने में भी दिक्कतें आ रही हैं।

व्यापार मण्डल ने मुख्यमंत्री से प्रीपेड मीटर अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की।साथ ही मांग की की मीटर लगाते समय उपभोक्ता को संचालन का मैनुअल और 5 साल का गारंटी कार्ड दिया जाए। मौके पर ही ऐप डाउनलोड करवाकर सीलिंग सर्टिफिकेट हाथों-हाथ पोर्टल पर अपलोड किया जाए।मीटर के तेज चलने की शिकायतों की जांच के लिए एक स्वतंत्र लैब बने। मीटर लगने से पहले लैब में पास हों और शिकायत पर जांच रिपोर्ट के आधार पर ही बिलिंग सुधारी जाए। नए कनेक्शन के एस्टीमेट में होने वाली धांधली रोकी जाए। ऑनलाइन आवेदन के बाद उपभोक्ता को कार्यालय बुलाने की व्यवस्था खत्म हो। यदि बुलाना आवश्यक हो, तो उपभोक्ता को जेई (JE) या लाइनमैन से दूर रखकर सीधे एसडीओ या अधिशासी अभियंता के सामने पक्ष रखने का मौका दिया जाए।

साथ ही, पोर्टल को इतना प्रभावी बनाया जाए कि पैसा जमा होने के तुरंत बाद अपडेट हो और 5 मिनट के भीतर कटा हुआ कनेक्शन दोबारा चालू हो सके। मनमाने तरीके से वर्षों पुराने पीडी कनेक्शन की रिकवरी के लिए बिना पर्याप्त जांच के आरसी न काटी जाए। नियम के तहत पहले धारा-3 का नोटिस देकर सुनवाई का अवसर मिले। गलत आरसी कटने पर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।

मांग पत्र सौंपने वालों में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के जिलाध्यक्ष अफ़रोज़ जिलानी, नगर अध्यक्ष रणवीर पाठक, नगर महामंत्री राशिद अंसारी, युवा विंग की जिलाध्यक्ष शैली शर्मा सहित सुनील वर्मा, उज्जवल वर्मा, हरीश सिंह, केतन बहरी, वीरेंद्र रस्तोगी समेत कई अन्य पदाधिकारी व व्यापाररी मौजूद रहे।

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