बरेली । भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर के बीच कार वॉशिंग सेन्टरों में हो रही हजारों लीटर पानी की बर्बादी पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सख्त रुख अपनाया है।
जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त, नगर निगम को पत्र लिखकर निरीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिये है।
स्वास्थ्य सेतु चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण जायसवाल ने 22 मई को जिलाधिकारी को पत्र देकर शिकायत की थी कि शहर में बड़ी संख्या में कार वॉशिंग सेन्टर चल रहे हैं। इन सेन्टरों पर एक वाहन की धुलाई में 150 से 300 लीटर तक स्वच्छ पानी खर्च होता है, जो सीधे नाली में बहा दिया जाता है। जिससे रोजाना लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
एक ओर गर्मी में आम जनता पीने के पानी के लिए परेशान है, भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यापारिक लाभ के लिए जीवनदायी जल को व्यर्थ बहाया जा रहा है। यह जल संरक्षण नियमों और जनहित के विरुद्ध है।
उक्त पत्र के क्रम में कुछ सुझाव भी दिये गए है कि शहर के सभी कार वॉशिंग सेन्टरों का सर्वे कराकर पंजीकरण अनिवार्य किया जाए। सभी सेन्टरों में वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट लगाना अनिवार्य हो, ताकि पानी का दोबारा उपयोग हो सके।
भू-जल के व्यावसायिक दोहन पर NOC और शुल्क की व्यवस्था लागू की जाए। बिना रिसाइक्लिंग प्रणाली वाले सेन्टरों पर रोक लगाए जाने तथा जल संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
जिलाधिकारी ने “प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए निरीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिये है।
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