बरेली। फतेहगंज पश्चिमी कस्बे के मोहल्ला अंसारी निवासी एवं हुसैनी मस्जिद के मुअज्जीन (देखभालकर्ता) अब्दुल कादिर की बुधवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। वह मंगलवार को अपने घर में संदिग्ध परिस्थितियों में आग से गंभीर रूप से झुलस गए थे। घटना के बाद पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 11 बजे अब्दुल कादिर अपने घर में थे। इसी दौरान घरेलू विवाद के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गए। आग की लपटों से घिरे अब्दुल कादिर किसी तरह घर से बाहर गली की ओर निकल आए। उन्हें इस हालत में देखकर आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। बुधवार को उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर अब्दुल कादिर का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में उन्होंने अपनी पत्नी और उसके मायके पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि वह लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रहे थे तथा घटना के लिए पत्नी और उसके मायके पक्ष को जिम्मेदार ठहराया। वीडियो में यह भी कहा गया है कि अस्पताल में होश आने पर उनके परिजन मौजूद थे, जबकि उनकी पत्नी वहां नहीं थी। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अब्दुल कादिर की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। उनके घर पर रिश्तेदारों, परिचितों और मोहल्ले के लोगों की भीड़ जुट गई। मृतक अपने पीछे पत्नी, एक मासूम पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है और लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, परिजनों एवं अन्य संबंधित लोगों के बयान सहित सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में आग लगने के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह आत्मदाह का मामला है, दुर्घटना है अथवा किसी अन्य परिस्थिति में घटना हुई। जांच पूरी होने तक पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।
1000-1000 रुपये के भाड़े पर बुलाए गए थे बाहरी अपराधी हाईवे पर ट्रकों की…
बरेली। आंवला तहसील क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर पानी में डूबने की दो दर्दनाक…
भूमाफियाओं को संरक्षण दे रहा जिला प्रशासन:अखिल भारत हिन्दू महासभा पीलीभीत। अखिल भारत हिन्दू महासभा…
बरेली। आगामी श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न…
बरखेड़ा/पीलीभीत। क्षेत्र के गांव भोपतपुर निवासी एक दंपति सड़क हादसे का शिकार हो गए। हादसे…
बरखेड़ा, पीलीभीत। एचआरपी किड्स वैली इंटरनेशनल स्कूल, बरखेड़ा में बुधवार को इंटरनेशनल टाइगर डे 2026…