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जीवन में चाहिए अगर आरोग्य, सुख , सम्पदा तो अवश्य करे गणेश चतुर्थी को ये काम

2 सितंबर को गणेश चतुर्थी का महापर्वमनाया जाएगा। गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा का शुभ समय सुबह 11 बजकर 4 मिनट से दोपहर 11 बजकर 37 मिनट तक रहेगा, इस समय आप भगवान गणेश को प्रिय दूर्वा और मोदक के साथ-साथ कुछ अन्य चीजों का भी भोग लगा सकते हैं, तो आइए जानते हैं गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को किन खास चीजों का भोग लगा सकते हैं।

गणेश चतुर्थी पर भगावान गणेश का भोग

भगवान गणेश को मोदक अत्याधिक प्रिय है। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक जरूर अर्पित करने चाहिए। इस दिन आप भगवान गणेश को मूंग की दाल के लड़्डू , बूंदी के लड़्डू, तिल के लड्डू, बेसन के लड्डू भी अर्पित कर सकते हैं। भगवान गणेश को इस दिन आप गुड़ के मोदक, हरे फल , किशमिश , केले, बादाम, आदि का भोग लगा सकते हैं। अगर आप गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को यह सब चीजें अर्पित करते हैं तो आपको जीवन के सभी सुखों की प्राप्ति होगी और विघ्नहर्ता आपको सभी विघ्ननों को हर लेंगे।
भगवान गणेश का स्वरूप
भगवान गणेश जी की प्रतिमा के स्वरूप के अनुसार मानव जीवन में इसका बहुत महत्व है। भगवान गणेश के स्वरूप के अनुसार उनका पेट बहुत बड़ा है। जिसका अर्थ है कि गणेश जी सभी बातों को पचा लेते हैं। जो मनुष्य को यह सीख देता है कि उसे कोई भी बात इधर की उधर नहीं करनी चाहिए। जो इस भी व्यक्ति इस बात का ध्यान रखता है। वह हमेशा सफलता प्राप्त करता है। भगवान गणेश को सबसे ज्यादा बुद्धिमान देवता माना जाता है।
गणपति जी का एक दांत टूटा हुआ है। इसी कारण से उन्हें एक दंत भी कहा जाता है। भगवा गणेश की पूजा सभी देवताओं से पहले की जाती है। भगवान गणेश के कान एक सूप की तरह है। सूप यानी की छलनी जिससे कोई भी चीज छानने पर जो भी कूड़ा करकट बाहर निकल जाता है और जरूरत का समान ही छलनी में रह जाता है। इसी तरह से आपके कान भी ऐसे ही होने चाहिए। जिसमें सिर्फ जरूरत की ही बातें रहें व्यर्थ की सभी बातें बाहर निकल जाएं। बात करें भगवान गणेश की आखों की तो उनकी आखें बहुत ही छोटी होती है। जो मनुष्य को ध्यान लगाना बताती हैं। क्योंकि जब किसी चीज को बड़े ही ध्यान से देखा जाता है तब हम अपनी आखें बहुत छोटी कर लेते हैं और गणेश जी की आखें यही बताती है कि हमेशा अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें। इस तरह भगवान गणेश के प्रत्येक अंग से मनुष्य को कोई न कोई सीख मिलती है।
गणेश चतुर्थी शुभ मुहूर्त और तिथि
इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व 2 सितंबर 2019 के दिन मनाया जाएगा। यह त्योहार प्रत्येक साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन मनाया जाता है। महाराष्ट्र में यह पर्व 10 दिनों तक मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा को घर में लाया जाता है और अनंत चतुदर्शी पर भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन कर दिया जाता है। शास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश का जन्म मध्यह्वान के समय पर हुआ था। उस समय पर स्वाती नक्षत्र और सिंह लग्न था। गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा का शुभ समय सुबह 11 बजकर 4 मिनट से दोपहर 11 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की मिट्टी का प्रतिमा घर में जरूर स्थापित करनी चाहिए। इस दिन भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक का भोग भी अवश्य लगाना चाहिए। भगवान गणेश को विद्या बुद्धि, सुख और सपन्नता का देवता माना जाता है। गणपति जी को विघ्नहर्ता भी माना जाता है।

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