मोहित ‘मासूम’@express views
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनो काफी गर्माहट आ गयी है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में आरोप-प्रत्यारोप और जवाबी हमले के दौर जारी हैं ताजा कड़ी में है आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत के बंगाल दौरे से ममता बनर्जी और भी ज्यादा उखड़ गई है वही उनके नेता शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफा देने के बाद उनकी सांस और भी ज्यादा उखड़ गई है। बीते दिनों ममता ने भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लेते हुए ‘चंबल के डकैत’ तक की संज्ञा दे दी थी। आज ममता ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) को लेकर बड़ा बयान दिया है।
◆ आर एस एस पर भी भड़की ममता बनर्जी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि ” हम आर एस एस के हिंदू धर्म को नहीं मानते हैं और हम किसी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। ” ममता ने ये बयान पश्चिम बंगाल के कोचनर में आयोजित एक कन्वेंशन ईवेंट में व्यक्त किया। उन्होंने कहा है कि ” हम भारतीय जनता पार्टी के साथ शांति युद्ध करेंगे और किसी की गुंडागर्दी यहां नहीं चलने देंगे। “
◆ ममता के बयान पर बीजेपी ने किया जवाबी हमला।
दूसरी तरफ ममता बनर्जी के बयान पर जवाबी हमला करते हुए बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि ” ममता बनर्जी के नेतृत्व में बंगाल में चुनाव डर और आतंक के माहौल में होंगे। बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगे, नहीं तो चुनाव आयोग जिम्मेदारी ले कि बंगाल में निर्भीकता से चुनाव हों। जिससे राज्य की शासन की मशीनरी का उपयोग चुनाव में न हो। केंद्रीय मशीनरी (बंगाल मे)चुनाव करवाए।”
◆ अपनी पार्टी में फूट पर बरसी ममता बनर्जी।
ममता बनर्जी अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस में हुई फूट पर भी जमकर बरसी। उन्होने आरोप लगाया है कि बीजेपी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को ‘भगवा पार्टी’ में शामिल होने के लिए बाध्य कर रही है। कूचबिहार में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने पार्टी का साथ छोड़ने वालों को ‘अवसरवादी’ बताया और आरोप लगाया कि ” तृणमूल कांग्रेस में फूट डालने के लिए भाजपा ‘धन के थैलों’ का इस्तेमाल कर रही है।” उन्होंने कहा, ” भाजपा नेताओं का साहस देखिए कि वे हमारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी को भगवा पार्टी में शामिल होने के लिए कहते हैं। भाजपा राजनीतिक शिष्टाचार नहीं जानती, उसकी कोई विचारधारा नहीं है। (तृणमूल कांग्रेस में) एक-दो अवसरवादी हैं जो उनके फायदे के लिए काम कर रहे हैं।”
◆ ‘बंगाल में स्थिति ईरान-इराक के समान’ : दिलीप घोष
दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि बढ़ती राजनीतिक हिंसा के कारण राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति ‘कश्मीर से बदतर’ हो गयी है और यह ‘ईरान तथा इराक के समान’ है उन्होंने तृणमूल सरकार पर स्थानीय निकाय चुनाव को देर से करवाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कोलकाता में पार्टी की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा, अगर नगर निगम चुनाव हैदराबाद और असम में हो सकते हैं तो यहां क्यों नहीं? बंगाल की स्थिति कश्मीर से भी खराब है, तथा यह ईरान तथा इराक के समान है। दीदी (ममता बनर्जी) ने साबित कर दिया है कि पश्चिम बंगाल की कानून एवं व्यवस्था चुनाव कराने के अनुकूल नहीं है।
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