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लखनऊ : यूपी में अगर आप गाड़ी पर जातिगत स्टीकर लगाते हैं तो हो जाएं सावधान, आपका वाहन हो सकता है सीज।

मोहित ‘मासूम’@express views

लखनऊ : उत्तर प्रदेश मे वाहनों पर जातिवाचक शब्दों के स्टिकर लगाकर घूमने वाले अब सावधान हो जाये और तुरन्त ही अपने वाहन से उन जातिगत शब्दों या स्टीकर को तुरन्त हटा दे। अन्यथा आपका न केवल वीकल एक्ट की धारा 177 के अन्तगर्त चालान हो सकता है अपितु आपका वाहन भी सीज हो सकता है। हाल ही में महाराष्ट्र के एक सामाजिक कार्यकर्ता एवम् शिक्षक हर्षल प्रभु की शिकायत का पी एम ओ ने संज्ञान लेकर यूपी सरकार को निर्देश जारी किये कि वह ऐसे वाहनों चाहे वह दो पहिया हो या चार पहिया सभी को चिन्हित कर कड़ी कार्यवाही करें, जो सामाजिक ताने बाने को खंडित करने का कार्य कर रहे है।

पीएमओ के निर्देश के उपरान्त यूपी का परिवहन विभाग भी हरकत में आ गया और उन्होने
ऐसे वाहनों को सीज करने एवम् वीकल ऐक्ट की धारा 177 में चालान का आदेश पारित कर दिया। वाहन पर पंजीकरण संख्या उसके लिए एक पहचान चिह्न होती है, लेकिन इसके साथ ही लोग उस पर अपनी जाति या धर्म की पहचान को उजागर करते हुए अलग प्रकार का चिन्ह बनवा लेते हैं। परन्तु अब ऐसे वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग की ओर से कार्रवाई करने का आदेश जारी हो गया है। परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर सीज करने या धारा 177 में चालान करने का आदेश जारी किया है।

आईजीआरएसपी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे अपने पत्र में हर्षल प्रभु ने सामाजिक ताने बाने में विघटन करने वाली खाई उत्पन्न करने वाली इस जातिगत समस्या के प्रति ध्यान आकर्षित किया था, और इसे समाज की एकता के लिए खतरा बताया था। अपने पत्र मे उन्होने प्रधानमंत्री से ऐसी समस्यों से समाज को बचाने हेतु ध्यान देने का अनुरोध किया था।

अपने पत्र में उन्होंने लिखा था कि ” यूपी में वाहनों पर जाति लिखकर लोग गर्व महसूस करते हैं। इससे सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचता है, साथ ही यह कानून के खिलाफ भी है।”

हर्ष ने बताया कि उन्हें इसकी प्रेरणा यूपी में रहने वाले अपने एक दोस्त आशीष कनौजिया से मिली थी। जिसने हर्ष को यूपी की इस स्थिति से अवगत कराया था। वह कहते है कि ” अपनी जाति और धर्म पर कोई गर्व कर सकता है लेकिन अपने वाहनों पर उन्हें लिखकर हम यातायात के नियमों को तो तोड़ते ही हैं साथ ही जाति को लेकर होने वाली हिंसा को बढ़ावा भी देते हैं। यूपी में भी ऐसा खूब होता है। “

पीएमओ से आदेश मिलने के बाद यूपी के अपर परिवहन आयुक्त ने सभी जिलों के अधिकारियों को ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जो सामाजिक समरसता के विरुद्ध ऐसे स्टीकर का प्रयोग अपने स्वाभिमान के लिए करते है। परिवहन आयुक्त का आदेश मिलते ही जिलों मे ऐसे वाहनों को चिन्हित कर लगातार तेजी से कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। जिसमे वाहनों को सीज करने के साथ धारा 177 के अन्तर्गत उनके चालान भी किये जा रहे हैं।

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