Advertisement

Categories: home

भिखारियों ने खोला बैंक,भीख में मिले पैसों को जमा कर, देते हैं लोन

@desk:देश में पहली बार भिखारियों के बैंक खुल गया है सुनने में कुछ अजीब लगता है न। लेकिन ये सच है। इस बैंक में ये भिखारी ना सिर्फ पैसे जमा करते हैं बल्कि यहां जमा पैसों से लोगों को लोन भी दे रहे हैं।
175 भिखारियों ने अलग-अलग पांच सेल्फ हेल्प ग्रुप बना रखा है।ये पांच अलग-अलग ग्रुप हर रविवार को एक तय जगह पर बैठतें हैं और आगे की प्लानिंग करते हैं।
मुजफ्फरपुर में भिखारियों का यह ‘बैंक’ अपने आप में अनूठा है. इसके सदस्यों की हर हफ्ते बैठक भी होती है, जिसमें इसके संचालन प्रक्रिया को लेकर अहम फैसले लिए जाते हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर में भिखारियों ने खुद का अनोखा ‘बैंक’ खोल रखा है। भिखारी भीख में मिले पैसे यहां जमा करते हैं।इस रकम पर उन्हें ब्याज भी दिया जाता है।जरूरत पड़ने पर भिखारियों को कर्ज भी दिया जाता है।

बता दे कि समाज कल्याण विभाग ने अक्टूबर, 2020 में भिखारियों का लक्ष्मी नाम से एक समूह बनाया था।एक-एक करके इससे 13 भिखारी जुड़े। उन्हें भिक्षावृत्ति की रकम से बचत के लिए प्रेरित किया गया।आज विभिन्न नामों से बनाए गए ऐसे और चार समूह हैं। ये सभी अलग-अलग इलाकों में हैं। शहर के अखाड़ाघाट में लक्ष्मी समूह है तो सिकंदरपुर में तुलसी नामक समूह है।इसी तरह मोतीपुर कुष्ठ ग्राम में प्रेमशिला तो शेखपुर ढाब में गायत्री और मां दुर्गा समूह है।इन समूहों के सदस्यों की कुल संख्या 175 है।इनमें अधिकतर महिलाएं हैं।

साप्ताहिक बैठक में होता है हिसाब किताब
इन समूहों में करीब साठ हजार की राशि जमा है। हरेक समूह में अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष चुने गए हैं। हफ्ते में एक दिन अमूमन रविवार को समूह के सदस्यों की बैठक तय जगह पर होती है और इसी दिन रकम की जमा व निकासी का काम होता है। बैठक की पूरी कार्यवाही एक रजिस्टर पर लिखी जाती है। कम से कम बीस रुपये जमा किए जा सकते हैं। पैसा एक बक्से में रहता है जो बैठक के दिन खुलता है। इसकी चाबियां अध्यक्ष, सचिव व कोषाध्यक्ष के पास रहती है।

शादी के लिये मिला बैंक से 20 हजार रुपए का लोन
मीटिंग में भविष्य के योजनाओं को लेकर प्लानिंग की जाती है। एक स्थानीय महिला ललिता देवी ने बताया कि रुपये कम होने के कारण वह बेटी की शादी नहीं कर पा रही थी। ऐन मौके पर भिखारियों के बैंक से 20 हजार रुपए का लोन मिल गया, जिससे उनकी परेशानी खत्म हो गई। आपस में समूह के लोग जरूरत पड़ने पर कर्ज भी देते हैं।

जरूरत परने पर एक रुपये सैकड़े के हिसाब से ब्याज लिया जाता है
एक वर्ष से ज्यादा से समूह का संचालन किया जा रहा है।आज समूह के पास करीब 20 हजार रुपये है।जरूरत परने पर एक रुपये सैकड़े के हिसाब से ब्याज लिया जाता है।हाल ही में ग्रुप के मोहन कुमार को बेटी की शादी के लिए पांच हजार दिया गया था।

Express views

Recent Posts

माखन चोरी लीला के मंचन ने मोहा दर्शकों का मन

बरखेड़ा। दस दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले के सातवें दिन राधिका-कृष्ण कीर्तन मंडल वृंदावन के कलाकारों…

2 hours ago

नियमों का हवाला देकर विभाग ने काटा पल्ला-संयुक्त परिवार में अलग राशन कार्ड बनना मुमकिन नहीं, जैनब की अर्जी खारिज

पीलीभीत। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नया राशन कार्ड बनवाने की उम्मीद लगाए बैठी…

3 hours ago

पुलिया पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने युवक को तमंचा मारा, फरार

पीलीभीत। दियोरिया कोतवाली क्षेत्र में दिनदहाड़े बेखौफ बाइक सवार बदमाशों ने पुरानी रंजिश के चलते…

5 hours ago

सपा जिला अध्यक्ष के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब, पूर्व चेयरमैन के नेतृत्व में हजारों समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत

बरखेड़ा। समाजवादी पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष धर्मेश गंगवार के स्वागत को लेकर सोमवार को…

13 hours ago

भक्त प्रह्लाद की भक्ति का भावपूर्ण मंचन, मंत्रमुग्ध हुए  दर्शक

बरखेड़ा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले के दस दिवसीय आयोजन के पांचवें दिन वृंदावन के रासमंच कलाकारों ने…

17 hours ago

गन्ना राज्यमंत्री के प्रतिनिधि के नाम पर फर्जी लेटरहेड बनाकर धोखाधड़ी का आरोप, रिपोर्ट दर्ज,आरोपी जेल भेजा

बरखेड़ा।गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के प्रतिनिधि के नाम पर कथित रूप से फर्जी लेटरहेड…

17 hours ago