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विहिप ने ममता बनर्जी का फूंका पुतला, इस्तीफे की मांग की

बरेली। पश्चिम बंगाल में बढ़ती हिंसा और कथित हिंदू विरोधी नीतियां हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार हत्याएं, महिलाओं के साथ बलात्कार , मंदिरों में तोड़फोड़ के विरोध में विश्व हिंदू परिषद के महानगर अध्यक्ष आशु अग्रवाल ,विभाग मंत्री मानवेंद्र प्रताप सिंह और प्रांत प्रचार प्रमुख दिव्य चतुर्वेदी के नेतृत्व में सेठ दामोदर स्वरूप पार्क से प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट गेट तक प्रदर्शन किया कलेक्ट्रेट गेट के सामने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला फूंका और महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सोपा, पश्चिम बंगाल में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की गई है।
दिव्य चतुर्वेदी और आशु अग्रवाल ने कहा कि वक्फ बिल कानून के विरोध की आड़ में संपूर्ण पश्चिम बंगाल को जिस प्रकार हिंसा की आग में जलाया जा रहा है, हिंदुओं को प्रताडित किया जा रहा है. राष्ट्र विरोधी और हिंदू विरोधी तत्वों को निर्बाध रूप से अपने षडयंत्रों को क्रियान्चित करने की खुली छूट दी जा रही है। जेहादी भीड़ ने हिंदुओं के 200 से अधिक घरों और व्यावसायिक दुकानों को लूटकर जलाया, सैकड़ों हिंदुओं को बुरी तरह घायल किया व तीन नागरिकों की निर्मम हत्या की गई। दर्जनों महिलाओं के शीलभंग भी किए गए। परिणाम स्वरूप 500 से अधिक हिंदू परिवारों को मुर्शिदाबाद से पलायन करना पड़ा। ममता बनर्जी दंगा भड़काने वाले इमामो से मिल रही है जिनमें से एक इमाम ने एक दिन पहले ही धमकी दी थी कि “अगर ममता बनर्जी ने उनका साथ नहीं दिया तो वह उसकी औकात बता देंगे।
बंगाल में राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में आ चुकी है। बांग्लादेशी व रोहिंग्या पुसपैठियों को निर्बाध रूप से आने दिया जा रहा है। उनके आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। पाकिस्तानी तथा बांग्लादेशी आतंकी संगठनों की सक्रियता बढ़ती जा रही है। यह हिंसा मुर्शिदाबाद से निकलकर संपूर्ण बंगाल में फैलती जा रही है। अब यह बंगाल तक भी सीमित नहीं रहेगी। इसलिए देश की राष्ट्र भक्त जनता मांग करती है कि पश्चिम बंगाल में अविलंब राष्ट्रपति शासन लगाया जाए।
पश्चिम बंगाल की हिंसा की जांच एनआईए के द्वारा करवाई जाए और दोषियों को अविलंब दंडित किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान मानवेन्द्र प्रताप सिंह , दिव्ये चतुर्वेदी एडवोकेट, विकास सोमवंशी , संजय भदौरिया ,अभिनाश मिश्रा, बाबूराम गंगवार , नीरू भारद्वाज, धर्मेन्द्र सिंह ,
त्रिभुवन सिंह, डा हिमांशु अग्रवाल, डा गणिकान्त शर्मा , पूनम भल्ला समाजसेवी ,योगी सरोजनाथ , गिरीश गोस्वामी, इंद्र प्रकाश गोस्वामी, केके शंखधार आदि मौजूद थे।

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