एबीवीपी और नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारियों के बीच झड़प , लगाया पिटाई का आरोप
रिपोर्ट:नन्दकिशोर शर्मा
बरेली। नगर निगम परिसर उस वक्त रणभूमि में बदल गया जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता नगर आयुक्त संजीव कुमार मोर्य से मुलाकात करने पहुंचे उनका आरोप है कि 6 नवंबर को जीआईसी के सभागार में कार्यक्रम था कार्यक्रम के बीच में लाइट को बंद कर दिया गया और गेट बंद कर दिए सभागार के रूपये जमा किए थे उसकी रशीद नहीं दी और बरेली कॉलेज में गर्ल्स छात्रावास बना है उसमें लाइटें लगवाने के लिए लेटर लेकर हुए थे इस लेकर को फाड़ दिया तभी दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई।एबीवीपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नगर आयुक्त ने अपने स्टाफ को बुलवाकर कार्यकर्ताओं से अभद्रता की और पिटवाया। इस घटना के बाद पूरे निगम परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
एबीवीपी कार्यकर्ता नगर आयुक्त के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए और जमकर प्रदर्शन किया । उनका कहना है कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर पहुंचे छात्र नेताओं ने नगर आयुक्त मुर्दाबाद के नारे लगाए और नगर आयुक्त की गाड़ी पर चढ़ गए और गाड़ी बाहर नहीं निकलने दी इसके बाद नगर आयुक्त को पैदल ही नगर निगम के बाहर जाना पड़ा करीब एक घंटे तक नगर निगम परिसर जंग का अखाड़ा बना रहा। जहां कुछ एबीवीपी कार्यकर्ता धरने पर बैठे रहे, वहीं बाद में सभी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए जिला अधिकारी से नगर आयुक्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
नगर निगम के कर्मचारी राजेश कुमार ने बताया कि हमने देखा कि बरेली कॉलेज के लड़के आ रहे थे हमने गेट बंद किया गेट बंद नहीं करने दे रहे हंगामा करना शुरू कर दिया गेट तोड़ देते जबतक इन लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी तबतक शहर की सफाई व्यवस्था ठप रहेगी।
