एक लाख का इनामी कुख्यात अपराधी शैतान उर्फ इफ्तिखार पुलिस मुठभेड़ में ढेर
- डकैत इफ्तिखार पर सात जिलों में 19 मुकदमे थे दर्ज।
- एसओजी का सिपाही भी गोली लगने से हुआ घायल।
रिपोर्ट:नन्दकिशोर शर्मा
बरेली। यूपी पुलिस ने गुरुवार तड़के एक बड़े एनकाउंटर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात डकैत ‘शैतान उर्फ इफ्तेखार’ को मार गिराया। एक लाख रुपये के इनामी इस अपराधी का आतंक सात जिलों में फैला हुआ था। भोजीपुरा थाना क्षेत्र में नैनीताल हाईवे के बिलवा पुल के पास सुबह करीब 5:30 बजे हुई इस मुठभेड़ में SOG के हेड कॉन्स्टेबल राहुल को भी गोली लगी है। घायल सिपाही को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एनकाउंटर की पूरी कहानी: बिलवा पुल के पास घेरा, डकैत ने दागे 17 राउंड
SSP अनुराग आर्य के नेतृत्व में SOG और तीन थानों की संयुक्त टीम ने बिलवा पुल के पास डकैत को घेर लिया। पुलिस को देखते ही शैतान ने फायरिंग शुरू कर दी और करीब 17 राउंड गोलियां दागीं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। गोली लगने से डकैत घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे जिला अस्पताल बरेली पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उसका एक साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं।
मौके से बरामद हथियार और सामान
पुलिस ने एनकाउंटर साइट से डकैत की बाइक, 32 बोर की पिस्टल, 17 कारतूस, दो मैगजीन और कुछ नकदी बरामद की है। टीम ने मौके पर से सबूत भी इकट्ठा किए हैं।
12 नाम और पांच एड्रेस से करता था पुलिस को गुमराह
SSP अनुराग आर्य ने बताया कि मारा गया अपराधी बेहद चालाक और शातिर दिमाग का था। पुलिस रिकॉर्ड में उसके 12 नाम और 5 अलग-अलग पते दर्ज हैं। वह हर जिले में नया नाम अपनाकर अपराध करता था और जांच में पुलिस को गुमराह करता था।
उसके नाम – इफ्तेखार, धूम, सोल्जर, लोधा, शैतान, शाकिर, रोहित आदि बताए जा रहे हैं।
सात जिलों में 19 मुकदमे, हत्या से लेकर डकैती तक में था शामिल
डकैत शैतान पर सात जिलों में हत्या, डकैती और लूट जैसे 19 गंभीर अपराधों के मुकदमे दर्ज थे।
वह कासगंज जिले के कादरगंज स्थित बरी चौक का रहने वाला था। हाल ही में वह अपने पिता से अलग होकर गाजियाबाद के टीला मोड़ के भूपखेड़ी गांव में परिवार के साथ रह रहा था।
2012 में पुलिस कस्टडी से फरार, 2020 में फिर गिरफ्तारी
यह अपराधी 2006 में फरीदपुर के पचौमी मंदिर के पुजारी की हत्या और डकैती में भी शामिल था।
साल 2012 में बाराबंकी पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। आठ साल तक फरार रहने के बाद 2020 में दोबारा गिरफ्तार किया गया था।
तब भी उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
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