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आई फ्लू के बचाव के लिये नेत्र परीक्षण अधिकारियों को निर्देश

पीलीभीत । आई फ्लू के बचाव के लिये समस्त ब्लाॅक की स्वास्थ्य इकाईयों पर कार्यरत नेत्र परीक्षण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वर्तमान में अगर आई फ्लू या कंजक्टिवाइटिस से ग्रसित कोई भी मरीज आता है तो उसे सर्वप्रथम प्राथमिकता के साथ उसकी आंखों का नेत्र परीक्षण करते हुये उसे जीवन रक्षक औषधियां उपलब्ध कराई जाएं।
आई फ्लू के खतरे को देखते हुए जिले के समस्त प्राइमरी/जूनियर विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को नेत्र परीक्षण कराये जाने हेतु ब्लाॅकवार टीमें कार्य कर रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत ब्लाॅक मरौरी, बिलसण्डा, बीसलपुर, बरखेडा, अमरिया आदि ब्लाॅकों में दो दो टीमें छात्र-छात्राओं का नेत्र परीक्षण कर रही है, जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग में तीन वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक के अतिरिक्त एक नेत्र परीक्षण अधिकारी द्वारा भी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मरीज किसी भी समस्या के लिये केन्द्र प्रभारी/ब्लाॅक स्वास्थ्य अधिकारियों से भी सम्पर्क स्थापित कर सकता है।

आई फ्लू के लक्षण
आंखे लाल होकर सूज जाती है, आखों से लगातार पानी आता है, धूंधला नजर आना, पलको पर सूजन और पलकें में चिपकन , खुजली दर्द और गड़न होती व तेज रोशनी खराब लगती है।

सावधानी-
आंखों को छुएं या रगडे़ नहीं, तौलिया, ताकिया, मेकअप शेयर न करे, हाथों को साफ रखें, पीड़ित व्यक्ति काला चश्मा अवश्य पहनें, टीवी व मोवाइल देखने से बचे, और तत्काल ही चिकित्सक से परामर्श कर आंखों में दवा डालें।

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