मिशन शक्ति 5.0 मेधावी छात्रा राधा बनी एक दिन के लिए एसडीएम, शिकायतें सुनीं
बरेली। मीरगंज बेटियों को सशक्त बनाने और प्रशासनिक कार्यों से जोड़ने के उद्देश्य से सोमवार को आर पी डिग्री कालेज की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा राधा को एक दिन के लिए सांकेतिक एसडीएम बनाकर पद का दायित्व सौंपा गया।वह चुरई दलपतपुर गांव निवासी तेजराम की पुत्री हैं। कार्यालय में पहुंचने पर एसडीएम आलोक कुमार ने बुकें देकर नवागत एसडीएम का स्वागत किया और अपनी कुर्सी सौंप दी।कुर्सी पर बैठने के साथ छात्रा ने एसडीएम के दायित्वों को समझा, बल्कि प्रशासनिक कार्य प्रणाली और भविष्य में अवसरों को लेकर भी जानकारी प्राप्त की। एसडीएम आलोक कुमार भी छात्रा के साथ बगल में पड़ी कुर्सी पर बैठे। छात्रा ने एसडीएम के रूप में एडीएम से वीडियो कॉल पर वार्ता की।एडीएम ने एसडीएम पद से जुड़े कर्तव्य और अधिकारों के निर्वहन के बारे में छात्रा को बताया। छात्रा ने उपस्थिति पंजिका को हाथ में लेकर अवलोकन किया। कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान आलोक कुमार ने छात्रा को एसडीएम के कार्य व जिम्मेदारियां बताई। इसके बाद छात्रा ने कुर्सी पर बैठकर फरियादियों की शिकायतें/समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों को नियत समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान उनके समक्ष कुल 22 शिकायतें प्रस्तुत हुई।जिसमें से राशन कार्ड से संबंधित एक शिकायत का तुरंत निस्तारण कर दिया। इस दौरान तहसीलदार , नायब तहसीलदार,रजिस्ट्रार कानूनगो,आपूर्ति निरीक्षक ने उनका सहयोग किया। छात्रा ने बताया कुर्सी पर बैठने के बाद ही जिम्मेदारी का एहसास होता है। जिम्मेदारी निभाने के लिए तरह-तरह की परेशानियों से गुजरना होता है। उन्होंने पीईएस करके शिक्षा अधिकारी बनने का लक्ष्य बनाया था , लेकिन यहां से मिली प्रेरणा से अब आईएएस बनकर राष्ट्र व समाज की सेवा करने की तैयारी करना चाहती हैं।इसके लिए प्रयास करेंगी। क्योंकि एसडीएम की कुर्सी पर बैठकर उन्हें काफी गर्व महसूस हुआ। जन सुनवाई समय अवधि समाप्त होने के बाद उनको सरकारी गाड़ी से उनके घर तक पहुंचवाया गया। एसडीएम ने बताया कि छात्रा को एक दिन के लिए एसडीएम बनाया गया है। यह कदम बेटियों को बढ़ावा देने के लिए है। एसडीएम ने छात्रा को सम्मानित कर उज्जवल भविष्य की कामना की। एसडीएम ने बताया इस पहल का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता और उनमें यह भावना पैदा करना है कि वह भविष्य में सशक्त बनकर समाज की सेवा कर सकती हैं उन्होंने छात्रा को पढ़ाई के साथ-साथ पाठ्येत्तर गतिविधियों में सक्रिय रहने की प्रेरणा दी।
