पीलीभीत: अदालत के आदेश के बावजूद अमल-दरामद नहीं, किसान ने डीएम से की शिकायत
- राजस्व विभाग पर रात में 100 एकड़ सोयाबीन और 60 एकड़ धान कटवाने व उसको जमा न करने का आरोप
रिपोर्ट:अवनीश श्रीवास्तव
पीलीभीत। तहसील कलीनगर क्षेत्र के ग्राम कटकवारा सिमरा निवासी जगन्नाथ पुत्र मुलाराम ने जिलाधिकारी पीलीभीत को प्रार्थना-पत्र देते हुए राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी कृषि भूमि से जुड़े विवाद में अदालत के आदेश के बावजूद दो वर्ष से अमल-दरामद नहीं कराया जा रहा है, जबकि सभी अभिलेख तहसील प्रशासन को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
26 जुलाई 2024 को मिला था किसान के पक्ष में निर्णय:-
शिकायत में बताया गया है कि भूमि विवाद से संबंधित वाद संख्या 00811/2019 एवं कम्प्यूटरीकृत वाद संख्या सी-2019/12000000811 में प्रशासन द्वारा जगन्नाथ के पक्ष में निर्णय दिया गया था।
इसके बाद विपक्षी द्वारा दाखिल वाद संख्या 0944/2023 भी 26.07.2024 को निरस्त कर दी गई। और उसके पक्ष में निर्णय दिया गया था।
जगन्नाथ का कहना है कि दोनों आदेशों की छाया-प्रति तहसील प्रशासन को डाक द्वारा भेजी गई थी, लेकिन आज तक कोई अमल-दरामद नहीं कराया गया।
राजस्व टीम पर रात में फसल कटवाने का आरोप:-
प्रार्थनापत्र में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए किसान ने बताया कि वे अपनी 218 एकड़ भूमि पर खेती कर रहे थे। इसमें 100 एकड़ भूमि पर सोयाबीन और 60 एकड़ पर धान की तैयार फसल हल्का पटवारी एवं उपजिलाधिकारी की मौजूदगी में रात में कटवा ली गई। लेकिन फसल राजस्व कोषागार में जमा नही हुई।
शिकायतकर्ता ने मांग की कि काटी गई फसल की राजस्व कोषागार में जमा होने की जांच हो।
“दो वर्ष बीत जाने के बावजूद तहसील प्रशासन द्वारा अमल-दरामद नही की गई है अदालत के आदेशों के अनुसार अमल-दरामद कराया जाए।
साथ ही काटी गई फसल की राजस्व कोषागार में जमा की जांच हो, और जिम्मेदार राजस्व कर्मियों पर उचित विधिक कार्रवाई की जाए।
