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पीलीभीत राष्ट्रीय 

प्रशासन के आश्वासन पर अखिल भारत हिन्दू महासभा का धरना-प्रदर्शन स्थगित

पीलीभीत।अखिल भारत हिन्दू महासभा द्वारा जिला प्रशासन को पूर्व में सौंपे गए विभिन्न ज्ञापनों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने के विरोध में 23 दिसंबर को जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रस्तावित धरना–प्रदर्शन को प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है।

सोमवार को जिलाधिकारी एवं सिटी मजिस्ट्रेट ने संगठन के पदाधिकारियों को जिलाधिकारी कार्यालय बुलाकर वार्ता की। वार्ता के दौरान प्रशासन की ओर से संगठन द्वारा सौंपे गए सभी ज्ञापनों पर शीघ्र एवं चरणबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, साथ ही धरना–प्रदर्शन न करने का अनुरोध किया गया।
प्रशासन के आश्वासन के बाद हिन्दू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव मिश्रा ने संगठन की ओर से धरना–प्रदर्शन स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि संगठन द्वारा जिला प्रशासन को दिए गए ज्ञापनों में नगर क्षेत्र में पार्किंग स्थल निर्माण, चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध, गौहनिया तालाब की बाउंड्री कराना, अतिक्रमण हटाओ अभियान, ई-रिक्शा के रूट निर्धारण, नजूल भूमि पर अवैध रूप से संचालित आरा मशीनों को हटाने, ब्रह्मचारी घाट के सौंदर्यीकरण कार्य को समय से पूरा कराने, नेपाल स्थित कैसिनो में जा रहे युवाओं को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई, खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक, बाल श्रम उन्मूलन, शहर की गौशालाओं की व्यवस्था सुधारने, गौवंशों की सुरक्षा हेतु शाइनिंग पेंट या रेडियम बेल्ट लगाए जाने जैसे कई जनहित के मुद्दे शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त बिना पंजीकरण चल रही कोचिंग संस्थाओं, अवैध रेस्टोरेंट एवं स्पा सेंटरों पर कार्रवाई, ओवरलोडिंग पर रोक, भारी वाहनों के शहर में प्रवेश की समय-सीमा तय करने, चंदोई स्थित नजूल भूमि को कब्जामुक्त कराने, सब्जी मंडी में मांस की दुकानों द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाने, मूलचंद धर्मशाला के जीर्णोद्धार, रामलीला मार्ग की मरम्मत, डिग्री कॉलेज चौराहे का नाम प्रभु श्रीराम चौराहा तथा रामलीला मार्ग का नाम प्रभु श्रीराम मार्ग किए जाने, आवारा गौवंशों के इलाज व दवाइयों की व्यवस्था, नगर क्षेत्र में गौशाला निर्माण तथा वाटर वर्क्स में बनी दुकानों के आवंटन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।

हिन्दू महासभा के जिलाध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा ने कहा कि संगठन ने हमेशा संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान का प्रयास किया है। प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल धरना स्थगित किया गया है, लेकिन यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर इन सभी विषयों पर धरातल पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन जनहित में आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी मुद्दे सीधे तौर पर आम जनता की सुरक्षा, सुविधा और धार्मिक-सांस्कृतिक सरोकारों से जुड़े हैं, जिन पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

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