पीलीभीत: सपा पदाधिकारियों ने लगाया उत्पीड़न का आरोप, राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा
पीलीभीत। जनपद में समाजवादी पार्टी (सपा) ने जिला प्रशासन और पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि सत्तारूढ़ दल के दबाव में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाइयां की जा रही हैं। इस संबंध में सपा की ओर से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी पीलीभीत के माध्यम से भेजा गया है।
ज्ञापन में बताया गया कि 18 फरवरी को जिला उपाध्यक्ष मखदूम खां को अमरिया क्षेत्र में दर्ज मुकदमा संख्या 0036/2026 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 115(2), 127(2), 351(3) और 352 लगाई गई हैं। पार्टी कार्यकर्ताओ का आरोप है कि यह मुकदमा झूठा और निराधार है तथा राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर दर्ज किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि जिन धाराओं में अधिकतम सजा सात वर्ष तक है, उनमें गिरफ्तारी अंतिम विकल्प होनी चाहिए। इसके बावजूद थाना अमरिया पुलिस द्वारा बीएनएसएस की धारा 170 का प्रयोग करते हुए जमानत की प्रक्रिया प्रभावित कर सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की गई, जो कानून की भावना के विपरीत है।
सपा नेताओं आरोप लगाया कि जनपद में प्रशासनिक मशीनरी का उपयोग विपक्ष की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है। पार्टी ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा राजनीतिक दबाव में हो रही कार्रवाइयों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
सपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उत्पीड़न की कार्रवाई बंद नहीं हुई तो कार्यकर्ता लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है और पार्टी अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
