यक्ष एआई ऐप कर रहा डिजिटल मुखबिर की तरह काम
बरेली जिले में उत्तर प्रदेश का यक्ष एआई ऐप अब पुलिस के लिए डिजिटल मुखबिर की तरह काम कर रहा है। इस ऐप में फीड डाटा के आधार पर अपराधियों की पहचान करना बेहद आसान हो गया है। प्रदेश में कहीं भी अपराध होने पर यदि आरोपी पहले किसी वारदात में शामिल रहा है, तो उसकी मामूली जानकारी अपलोड करते ही पूरा आपराधिक रिकॉर्ड सामने आ जाता है। इसी तकनीक की मदद से परिक्षेत्र में पहली बार दो लुटेरों को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी कुशीनगर के निवासी हैं, जिन्होंने पीलीभीत के जहानाबाद क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त शिक्षक से 23 हजार रुपये की लूट की थी। घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित द्वारा दी गई जानकारी यक्ष ऐप पर अपलोड की, जिससे आरोपियों की पहचान और लोकेशन का पता चल गया। पुलिस ने घटना के दोनों आरोपियों—धर्मेंद्र और मोईनुद्दीन—को गिरफ्तार कर लिया। इस खुलासे में यक्ष ऐप की भूमिका अहम रही। डीआईजी रेंज अजय कुमार साहनी ने बताया कि सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर मामले में यक्ष ऐप का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, ताकि अपराधियों का डेटा तैयार कर भविष्य में भी उन्हें आसानी से पकड़ा जा सके।
