Latest Posts
   
home उत्तरप्रदेश बदायूँ बरेली राज्य राष्ट्रीय 

खाकी के शिकंजे में फर्जी अफसर, नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाली तीन महिलाएं गिरफ्तार

  • 55 लाख रुपये फ्रीज, लग्जरी कार और फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद
  • खुद को IAS बताकर बेरोजगारों को ठगती थीं शातिर युवतियां

 

रिपोर्ट:नन्दकिशोर शर्मा

बरेली। बरेली की बारादरी पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है जो बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी कर रहा था। पुलिस ने गैंग की मुख्य सरगना सहित तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। ये महिलाएं इतनी शातिर थीं कि खुद को आईएएस (IAS) अधिकारी बताकर धौंस जमाती थीं और अपनी गाड़ी पर ‘SDM फाइनेंस’ लिखवाकर घूमती थीं। इनके पास से पुलिस ने नकदी, लग्जरी कार और भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद किए हैं।

फर्जी नियुक्ति पत्रों का काला कारोबार

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान डॉ. विप्रा शर्मा, दीक्षा पाठक और शिखा शर्मा के रूप में हुई है। ये महिलाएं भोले-भाले युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे लाखों रुपये वसूलती थीं। गिरोह का जाल इतना गहरा था कि इन्होंने पवन विहार कॉलोनी में एक मकान किराए पर ले रखा था, जहाँ ये कंप्यूटर और लैपटॉप के जरिए हूबहू असली दिखने वाले ‘फर्जी नियुक्ति पत्र’ तैयार करती थीं।

ठगी की रकम से इन महिलाओं ने न केवल आलीशान जिंदगी जी, बल्कि एक सफेद रंग की Mahindra XUV 700 (UP25EC3222) भी खरीदी, जिस पर फर्जी तरीके से प्रशासनिक पद का रसूख दिखाया जाता था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान इनके पास से विभिन्न खातों में जमा ₹55 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं साथ ही 2 लैपटॉप, 4 मोबाइल फोन (आईफोन व वीवो),10 चेक बुक, 3 पासबुक और भारी मात्रा में कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज,₹4.50 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं।

बारादरी थाना प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने सटीक सूचना पर इन तीनों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम में उ0नि0 नितिन राणा, उ0नि0 कुशल पाल, उ0नि0 सौरभ तोमर और महिला पुलिसकर्मी शामिल रहीं। आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0 511/2026 के तहत धारा 420/467/468/471 भादवि व अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

Related posts

Leave a Comment

error: Content is protected !!