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करोड़ों के सरकारी गबन में पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’, शम्सी की ‘लेडी गैंग’ की 7 महिलाएं गिरफ्तार

पीलीभीत : जनपद के बहुचर्चित करोड़ों रुपये के सरकारी गबन कांड में पुलिस ने शुक्रवार को अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। खजाने में सेंध लगाने वाले मुख्य शातिर इल्हामउर्रहमान शम्सी की ‘लेडी गैंग’ का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने उसकी दो पत्नियों, सास और साली समेत परिवार की 7 महिलाओं को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इन महिलाओं पर फर्जी बेनेफिशियरी बनकर सरकारी धन को अपने खातों में खपाने और साजिश रचने का संगीन आरोप है।

पत्नियों और ससुरालियों को बनाया हिस्सेदार

अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि DIOS कार्यालय में तैनात रहे शम्सी ने वेतन बिल और टोकन जनरेशन के काम में हेराफेरी कर भ्रष्टाचार का बड़ा साम्राज्य खड़ा किया था। आरोपी ने जालसाजी कर सरकारी धन को अपनी पत्नियों और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया। पुलिस की गहरी तफ्तीश में गबन का आंकड़ा महज एक करोड़ से बढ़कर 5.50 करोड़ रुपये (5,50,54,594/-) तक जा पहुंचा है। आरोपी ने सितंबर 2024 से अब तक कुल 98 बार में करोड़ों रुपये अपने करीबियों के नाम भेजे।

खातों में करोड़ों की बंदरबांट

शुक्रवार को पुलिस की टीमों ने घेराबंदी कर शम्सी की पत्नी लुबना और अजारा खान, साली फातिमा नवी, सलहज आफिया खान, सास नाहिद और परिचित परवीन व आशकारा परवीन को दबोच लिया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि शम्सी ने अपनी पत्नी लुबना के खाते में 2.37 करोड़, अजारा के खाते में 2.12 करोड़ और साली फातिमा के खाते में 1.03 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। वहीं सास और सलहज के खातों में भी 80 से 95 लाख रुपये की रकम भेजी गई थी।

53 खाते और पूरी रकम फ्रीज

पुलिस ने इस महाघोटाले से जुड़े कुल 53 संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित कर उनमें मौजूद 5.50 करोड़ से अधिक की पूरी धनराशि को तत्काल प्रभाव से फ्रीज करा दिया है। कोतवाली पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से जिले के भ्रष्ट तंत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि विवेचना अभी जारी है और इस मामले में शामिल कुछ अन्य चेहरे भी जल्द ही बेनकाब होंगे।

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