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IGRS शिकायतों के फर्जी निस्तारण पर बड़ी गाज, दो लेखपाल निलंबित

बरेली। मुख्यमंत्री संदर्भ और आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर आने वाली जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और धोखाधड़ी बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बरेली में आईजीआरएस शिकायतों का फर्जी और गुणवत्ताविहीन निस्तारण करने के मामले में दो लेखपालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

गलत रिपोर्ट देने पर लेखपाल मनोज सक्सेना निलंबित

पहले मामले में लेखपाल मनोज सक्सेना पर गंभीर आरोप लगे हैं। मनोज सक्सेना ने जमीन के ‘अंश संशोधन’ से जुड़े एक बेहद संवेदनशील मामले में एसडीएम कोर्ट को गुमराह करते हुए गलत और फर्जी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इसके अलावा, आईजीआरएस पोर्टल पर आई जनशिकायतों का भी उन्होंने गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं किया, बल्कि कागजों पर फर्जी तरीके से मामला रफा-दफा कर दिया। उच्चाधिकारियों ने इस कृत्य को घोर लापरवाही मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।

आदेशों की अवहेलना करने पर लेखपाल जसवीर पर गिरी गाज

दूसरे मामले में लेखपाल जसवीर को प्रशासनिक गाज का सामना करना पड़ा है। लेखपाल जसवीर पर भी आईजीआरएस पोर्टल की शिकायतों का फर्जी तरीके से निस्तारण (निपटारा) दिखाने का आरोप सही पाया गया। इसके साथ ही जसवीर पर उच्च अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए शासकीय आदेशों की सरेआम अवहेलना और अनुशासनहीनता करने का भी दोषी पाया गया, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।

जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई के जरिए मातहत कर्मचारियों को कड़ा संदेश दिया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा, गलत रिपोर्टिंग या टालमटोल की नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली हर शिकायत का मौके पर जाकर निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है, ऐसा न करने वालों पर आगे भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

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