शिकायतों के निपटारे में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, एसडीएम ने लेखपाल हृदेश चंद्र को किया निलंबित
बरेली/आंवला। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और ढुलमुल रवैया अपनाने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक चाबुक चलना जारी है। ताजा मामला बरेली के आंवला तहसील का है, जहाँ उत्तरदायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में एसडीएम (SDM) विदुषी सिंह ने लेखपाल हृदेश चंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
शासन की प्राथमिकताओं में शामिल जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर लेखपाल हृदेश चंद्र के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार बृजेश वर्मा को जांच सौंपी गई थी। तहसीलदार द्वारा सौंपी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट में लेखपाल पर लगे लापरवाही के आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर एसडीएम ने निलंबन की यह कड़ी कार्रवाई की।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, निलंबन की इस अवधि के दौरान दोषी लेखपाल हृदेश चंद्र को रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
इस पूरे मामले में केवल निलंबन पर ही बात नहीं रुकी है, बल्कि मामले की गहराई से जांच के लिए नायब तहसीलदार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। एसडीएम विदुषी सिंह ने जांच अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट कार्यालय में दाखिल करें, जिसके आधार पर आगे की कड़े कदम उठाए जा सकें।
इस कार्रवाई से आंवला तहसील के अन्य राजस्व कर्मियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनता की समस्याओं को लटकाने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
