पीलीभीत: सदर विधानसभा में 13 हजार मतदाताओं के रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का आरोप, सपा ने की साइबर फॉरेंसिक जांच की मांग,सौंपा ज्ञापन

पीलीभीत। जनपद की 127 सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पूर्व राज्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के नेता हेमराज वर्मा ने चुनाव आयोग से स्वतंत्र साइबर फॉरेंसिक जांच की मांग की है। गौहनिया चौराहे स्थित सपा कार्यालय पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री ने कहा कि SIR फाइनल ड्राफ्ट सूची में 13,000 से अधिक मतदाताओं के EPIC रिकॉर्ड में बदलाव किया गया है, जो सीधे तौर पर पात्र मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की एक असंवैधानिक साजिश है।
लिपिकीय त्रुटि नहीं तकनीकी प्रणाली से हुई है छेड़छाड़:हेमराज वर्मा

पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतने बड़े पैमाने पर हुए बदलाव कोई सामान्य लिपिकीय त्रुटि नहीं हो सकते। यह चुनाव आयोग की तकनीकी प्रणाली के साथ जानबूझकर की गई छेड़छाड़ की ओर इशारा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी विशेष मतदाता समूह को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
13 सूत्रीय जांच की मांग
ज्ञापन में स्वतंत्र साइबर फॉरेंसिक ऑडिट की मांग करते हुए 13 सूत्रीय जांच की रूपरेखा रखी गई है।
इनमें प्रत्येक संशोधन की तारीख, समय, सर्वर लॉग्स, आईपी एड्रेस और यूजर लॉगिन हिस्ट्री की गहन जांच, प्रत्येक संशोधन के पीछे लगे फॉर्म 8, BLO के सत्यापन और ERO/AERO के निर्णयों की भौतिक और डिजिटल जांच करने, ERONET और मतदाता पंजीकरण प्रणाली के सभी लॉग्स, बैकअप और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित करने की मांगे शामिल हैं।
हेमराज वर्मा ने मांग की है कि निष्पक्ष तकनीकी विशेषज्ञों से इसकी जांच कराकर दोषियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही, गलत संशोधनों की पुष्टि होने पर मतदाता रिकॉर्ड को तत्काल सुधारा जाए और शिकायत पर की गई कार्रवाई की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जाए।
इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार, पूर्व जिलाध्यक्ष आनन्द सिंह यादव, पूर्व मंत्री फूलबाबू सहित समाजवादी पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी शामिल थे।
