बरेली: भाजपा का शक्ति प्रदर्शन केशव प्रसाद मौर्य ने सपा को साइकिल पंचर कर सैफई भेजने की दी चुनौती
- जयंत ने किसानों का मुद्दा उठाया, नड्डा ने राहुल-अखिलेश पर साधा निशाना

बरेली।उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने बरेली की नाथनगरी से सियासी ताकत का प्रदर्शन किया। मंगलवार को आयोजित लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा जनसभा में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। तीनों नेताओं ने अलग-अलग मुद्दों पर विपक्ष को घेरा और कार्यकर्ताओं से 2027 के चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया।

मंच पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जयंत चौधरी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संबोधन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2027 में कांग्रेस का अता-पता नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल सरकार का तख्तापलट करना चाहते हैं, लेकिन जनता कांग्रेस और सपा का तख्तापलट करने का काम करेगी। केशव मौर्य ने कांग्रेस पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि नेहरू वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बने और इंदिरा गांधी ने भी वोट चोरी करके सरकार बनाई। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने अपने संबोधन में किसानों, कृषि बजट और शिक्षा के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि कृषि और शिक्षा के बजट में लगातार बढ़ोतरी हुई है। यह कोई सामान्य सभा नहीं है। अभी चुनाव में समय है, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्ष ने दावा किया था कि यह आखिरी चुनाव होगा और इंडिया गठबंधन हार गया तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा।
जयंत ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। उसे सिर्फ विरोध करना है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी समाजवादी पार्टी के नेताओं को किसानों के समर्थन में खड़े होते देखा है उन्होंने कहा कि विपक्ष इथेनॉल का भी विरोध करता है।
गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने गन्ने का भाव 400 रुपये पार करने की बात कही थी और सरकार ने अपना वादा निभाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर किसानों की चिंता जता रहे हैं।
जयंत ने दिल्ली में हुए विपक्ष के राजनीतिक कार्यक्रम पर तंज कसते हुए उसे नौटंकी और ढोंग करार दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि 2027 के विधानसभा चुनाव में हर बूथ पर कमल खिलाने के लिए अभी से जुट जाएं।
मुख्य अतिथि जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में विपक्षी इंडिया गठबंधन, राहुल गांधी और अखिलेश यादव को निशाने पर रखा। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया में लोकतंत्र की जननी कहा जाता है। चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट ने भी दुनिया में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन कुछ गैर जिम्मेदार राजनीतिक दल, खासकर इंडिया गठबंधन, चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर उसे कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
नड्डा ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया पहले भी 12 बार हो चुकी है। इनमें 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में और एक बार अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय हुई थी। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह प्रक्रिया कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को भारत में रहने का अधिकार नहीं है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए नड्डा ने कहा कि कुछ लोग बचपन में पढ़ाई में कमजोर बच्चों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। ये लोग पत्थर मारकर भाग जाते हैं। उन्होंने विपक्ष के नेताओं को हिट एंड रन की राजनीति करने वाला बताया।
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया में विपक्ष के नेता को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में चुनाव आयुक्तों की नियुक्तियों और उनके राजनीतिक संबंधों का भी जिक्र किया।
नड्डा ने इंदिरा गांधी के कार्यकाल में आपातकाल और सरकारों को बर्खास्त करने के फैसलों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी का चुनाव इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द किया था, जिसके बाद कानून में बदलाव किया गया।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को दोष देने के बजाय लोगों के दिलों में जगह बनाने की कोशिश करनी चाहिए। नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता इतने बौखला गए हैं कि उनकी भाषा पर भी नियंत्रण नहीं रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
