अखिल भारतीय पाल महासभा ने अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़े जाने का किया विरोध प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत।वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर नगर निगम द्वारा राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़ने व उनके द्वारा निर्मित मंदिर और धार्मिक संरचनाओं से कथित छेड़छाड़ का मामला गरमा गया है। गुरुवार को पाल समाज के दर्जनों लोगों ने पीलीभीत कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। पाल समाज ने महारानी अहिल्या बाई होलकर की मूर्ति और धार्मिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाने के मामले में राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंपते हुए न्याय की मांग की।
जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर पाल समाज के लोगों ने प्रदर्शन कर बताया कि मणिकर्णिका घाट पर राजमाता अहिल्याबाई होल्कर ने अपने निजी फंड से देशभर के 12672 मंदिरों व धार्मिक ऐतिहासिक धरोहरों का निर्माण कराया था उनके साथ छेड़छाड़ और बदलाव की स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मंदिर, मूर्तियां और धार्मिक चिह्न सनातन आस्था के प्रतीक हैं, जिनके साथ किसी भी तरह की तोड़फोड़ या परिवर्तन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि मंदिर व अन्य संरचनाओं को पूर्व स्थिति में यथावत रखा जाए और किसी भी प्रकार के बदलाव पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को ससम्मान पुनः स्थापित कराया जाए।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि मणिकर्णिका घाट स्थित राजमाता अहिल्याबाई होल्कर व उनके द्वारा बनवाए गए मंदिर व धार्मिक संरचनाओं को यथावत सुरक्षित रखा जाए। इसके अतिरिक्त, मंदिरों, मूर्तियों और धार्मिक चिह्नों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, तोड़फोड़ या बदलाव पर तुरंत रोक लगाई जाए।
इस दौरान अखिल भारतीय पाल महासभा के जिला अध्यक्ष महेंद्र कुमार पाल, अधिवक्ता राजेश कुमार पाल, रामकुमार पाल, रामौतार,चंद्रपाल, गोक़िल प्रसाद,सतीश कुमार सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
