युवक की संदिग्ध मौत पर परिजनों ने किया हंगामा, राज्यमंत्री बोले कोतवाल को करो सस्पेंड
- 30 घण्टे बीतने के बाद भी नही हुई fir दर्ज
पीलीभीत। पुलिस की नौकरी छोड़कर कॉलोनाइजर बने वेदप्रकाश कश्यप के कार्यालय में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले 30 घण्टे बीत जाने के बाद भी कोई एफआईआर दर्ज न होने पर आज मृतक के परिजनों द्वारा राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार का घेराव किया गया।
राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने कडा रुख अपनाते हुए संबंधित कोतवाल को निलंबित करने के निर्देश दिए।
बता दें,कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छोटा खुदागंज निवासी 24 वर्षीय अनिल कुमार पुत्र सीताराम का शव शुक्रवार सुबह मोहल्ला देशनगर स्थित मधुरवाणी इंफ्रा आफिस की छत पर सड़क की ओर फंदे से लटका मिला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। अनिल पिछले सात वर्षों से उक्त कार्यालय में कार्यरत था और कुछ दिन पहले ही उसे नौकरी से हटाया गया था।
परिजनों का आरोप है कि घटना वाले दिन तड़के करीब चार बजे कॉलोनाइजर ने अनिल को फोन कर बुलाया था। इसके करीब तीन घंटे बाद ही उसकी मौत की सूचना घर पहुंची। परिवार ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई और कॉलोनाइजर के खिलाफ तहरीर दी।
आरोप है कि तहरीर दिए जाने के बावजूद कोतवाली पुलिस कार्रवाई टालती रही। दूसरे दिन भी रिपोर्ट दर्ज न होने पर पीड़ित परिवार राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार से मिला और पूरी घटना की जानकारी दी। मंत्री ने कोतवाल सत्येंद्र कुमार से जवाब तलब किया, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर नाराजगी जताई।
सूत्रों के अनुसार, राज्यमंत्री ने मौके पर मौजूद एसपी से तत्काल एफआईआर दर्ज करने और लापरवाही बरतने के आरोप में कोतवाल को निलंबित करने के निर्देश दिए। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है राज्यमंत्री ने परिजनों को निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।
