पल्लवी पटेल का डबल इंजन की सरकार पर तीखा हमला, जातिगत जनगणना और स्कूल बंदी पर उठाए सवाल
बरेली। पल्लवी पटेल शनिवार को बरेली जनपद के मीरगंज पहुंचीं, जहां आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और क्षेत्रीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर सरकार देश को दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था बताती है, जबकि दूसरी ओर देश के अधिकांश लोग मुफ्त राशन पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि यदि अर्थव्यवस्था वास्तव में मजबूत हुई है तो फिर 80 प्रतिशत लोगों को राशन की लाइन में खड़ा होने की जरूरत क्यों पड़ रही है।

आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर बोलते हुए पल्लवी पटेल ने कहा कि पिछड़े वर्ग को मिलने वाला 27 प्रतिशत आरक्षण पूरी तरह लागू नहीं हो पा रहा है। उनका आरोप था कि सत्ता और संसाधनों पर कुछ ही लोगों का कब्जा बना हुआ है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द जातिगत जनगणना कराने की मांग की और कहा कि इससे समाज के हर वर्ग की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और उसी आधार पर हिस्सेदारी तय की जा सकेगी।
शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 27 हजार सरकारी स्कूलों को बंद करने की तैयारी कर रही है, जिससे गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को जहां गरीबों के बच्चों की पढ़ाई की चिंता करनी चाहिए, वहीं स्कूलों पर ताले लगाने की बात की जा रही है।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि देश में सामाजिक आंदोलनों की कमी के कारण दलित और पिछड़े वर्ग को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने बुद्धिजीवी वर्ग से आगे आकर समाज के वंचित वर्गों की आवाज उठाने की अपील की।
इसके अलावा उन्होंने किसानों की आय दोगुनी होने के दावे और यूजीसी नियमों में किए जा रहे बदलावों को लेकर भी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। कार्यक्रम के अंत में पार्टी कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
