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कान्हा गौशाला को लेकर हिंदू महासभा हुई उग्र, 15 दिन का अल्टीमेटम

पीलीभीत। बिलसंडा नगर पंचायत क्षेत्र में निर्माणाधीन कान्हा गौशाला का मुद्दा अब तेजी पकड़ता जा रहा है। गांव के लोगों ने संगठन के पदाधिकारियों से मुलाकात कर गौशाला से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से बताया और गौवंश की दयनीय स्थिति से अवगत कराया। ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने ADM न्याय से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और गौशाला को शीघ्र संचालित कराने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम सौंपा।
संगठन ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में गौवंश खुले में भटक रहे है, जिससे उनकी सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है, वहीं आवारा पशु किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में गौशाला का संचालन अत्यंत आवश्यक है ताकि गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिल सके और ग्रामीणों को आर्थिक क्षति से बचाया जा सके।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2020 में माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर कान्हा गौशाला का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था और निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। वर्ष 2023 तक लगभग 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका था, लेकिन शेष कार्य लंबित होने के कारण गौशाला अब तक शुरू नहीं हो सकी है।
हिंदू महासभा ने यह भी आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों ने स्वयं स्थान चिन्हित कर गौशाला का निर्माण कराया था, वही अब इसके संचालन में बाधा बने हुए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना का उपयोग न होना सरकारी संसाधनों की अनदेखी और जनहित के साथ गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
संगठन ने यह भी याद दिलाया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के सख्त निर्देश हैं कि कोई भी गौवंश सड़क पर नजर नहीं आना चाहिए। इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में गौशालाओं के निर्माण के लिए निर्धारित बजट भी जारी किया गया था।
अंत में हिंदू महासभा ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर कान्हा गौशाला को संचालित नहीं किया गया, तो संगठन ग्रामीणों के साथ जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

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