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सीएचसी में बदइंतजामी: इमरजेंसी से चिकित्सक नदारद, वार्ड बॉय के भरोसे जिंदगी और मौत से जूझते रहे घायल


​बरखेड़ा । उत्तर प्रदेश के बरखेड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है। रविवार शाम एक सड़क हादसे में घायल दंपति को जब डायल 112 की टीम अस्पताल लेकर पहुँची, तो वहां इमरजेंसी वार्ड में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं था। जीवन-मरण के बीच जूझ रहे घायलों का उपचार अस्पताल के वार्ड बॉय और अन्य स्टाफ द्वारा किया गया।
​मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम भैसहा ग्वालपुर निवासी प्रेमपॉल अपनी पत्नी फूलमती के साथ दियोरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बुहिता स्थित अपनी ससुराल से बाइक द्वारा घर लौट रहे थे। बर्रामऊ प्राथमिक विद्यालय के पास सड़क पर अचानक कुत्ते आपस में लड़ते हुए बाइक से टकरा गए, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इस हादसे में दंपति बुरी तरह घायल हो गए।
​गश्त कर रही डायल 112 की टीम ने घायलों को देखा और तत्काल अपनी गाड़ी से उन्हें सरकारी अस्पताल बरखेड़ा पहुँचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में उस समय केवल कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और वार्ड बॉय ही मौजूद थे। काफी इंतजार के बाद भी जब कोई डॉक्टर नहीं आया, तो उपलब्ध स्टाफ ने ही घायलों को प्राथमिक उपचार दिया। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई चिकित्सक उन्हें देखने तक नहीं आया।
घायल दंपति के परिजन राहुल ने घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि, “अस्पताल पहुँचने के बाद भी घायलों को डॉक्टर का चेहरा तक नसीब नहीं हुआ। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से घायलों की जान पर बन आई थी।”
​वहीं, जब इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. लोकेश गंगवार से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उस समय इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉ. शिवम राठौर की तैनाती थी।स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक की उपस्थिति अनिवार्य है, लेकिन ड्यूटी पर होने के बावजूद डॉक्टर का गायब होना विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

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