स्वास्थ्य चौपाल के जरिए मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति के प्रति ग्रामीणों को किया गया जागरूक
बरखेड़ा । राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिला मानसिक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुरहुक्मी में एक विशेष स्वास्थ्य चौपाल का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को मानसिक रोगों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशा जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।
ग्राम सचिवालय में आयोजित इस चौपाल में जिला अस्पताल से आईं मनोचिकित्सक डॉ. पल्लवी सक्सेना ने ग्रामीणों को मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. सक्सेना ने कहा कि मानसिक बीमारी कोई संकोच का विषय नहीं है, बल्कि यह शरीर की अन्य बीमारियों की तरह ही है जिसका उपचार संभव है। उन्होंने चिंता (Anxiety), अत्यधिक गुस्सा, तनाव (Stress) और अवसाद (Depression) के लक्षणों को पहचानने और उनके दुष्प्रभावों से बचने के उपाय साझा किए।
डॉ. पल्लवी सक्सेना ने नशे के सेवन को परिवार और समाज के लिए एक गंभीर खतरा बताया। उन्होंने समझाया कि किस प्रकार नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को खोखला करता है, बल्कि पूरे परिवार की खुशहाली को प्रभावित करता है। ग्रामीणों को नसीहत दी गई कि यदि परिवार में कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या नशे की लत से जूझ रहा है, तो बिना हिचकिचाहट के विशेषज्ञ की सलाह लें।
मानसिक शांति और बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्होंने योग, नियमित व्यायाम और प्राणायाम को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि दैनिक दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव मानसिक मजबूती प्रदान कर सकते हैं।
इस ग्राम चौपाल के अवसर पर ग्राम प्रधान अमित गंगवार, दिनेश, कुम्भकरन, नरेश कुमार, पूर्व प्रधान सत्यपाल गंगवार,मोहन लाल,भगवत सरन,अतुलकुमार,धर्मपाल,रामेश्वर दयाल,
समेत दर्जनों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्राम प्रधान ने जिला स्वास्थ्य टीम का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता शिविरों के आयोजन की अपेक्षा जताई।
