रातों-रात ग्राम समाज की जमीन पर अवैध निर्माण का प्रयास, प्रशासन ने बुलडोजर/मजदूरों से पिलर उखाड़ कर किया समतल
बरखेड़ा/पीलीभीत।क्षेत्र के बिक्रमपुर गांव में मंगलवार रात ग्राम समाज की जमीन पर बिना अनुमति के अवैध रूप से धार्मिक स्थल (मस्जिद) के निर्माण का प्रयास किया गया। रात के अंधेरे में पिलर खड़े किए जाने की भनक जब सुबह दूसरे समुदाय को लगी, तो गांव में भारी तनाव फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर न सिर्फ अवैध निर्माण रुकवाया, बल्कि रातों-रात खड़े किए गए पिलरों को उखाड़ कर जमीन को वापस समतल कर दिया है। एहतियात के तौर पर गांव में भारी पुलिस बल तैनात है।
मिली जानकारी के अनुसार, बिक्रमपुर गांव में स्थित ग्राम समाज की आबादी की भूमि (गाटा संख्या 88) पर गांव के ही रहने वाले गुलाम मदार, यूनुस और बबलू ने मंगलवार रात गुपचुप तरीके से कब्जा करने की नीयत से निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। आरोपियों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए गड्ढे खोदकर पिलर भी खड़े कर दिए थे। सुबह जब ग्रामीणों की नजर इस अतिक्रमण पर पड़ी, तो दो समुदायों के बीच स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई और टकराव की नौबत आ गई।
तनाव की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। क्षेत्रीय लेखपाल कृष्ण कुमार सागर भारी पुलिस बल के साथ आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। पुलिस की गाड़ियों को गांव में आता देख निर्माण कार्य में जुटे आरोपी मौके से फरार हो गए। प्रशासन ने बिना किसी देरी के मजदूरों को लगाकर अवैध रूप से खड़े किए गए सभी पिलरों को हटवा दिया और ग्राम समाज की भूमि को पूरी तरह से साफ करवा कर समतल कर दिया।
दो समुदायों से जुड़ा मामला होने के कारण प्रशासन कोई भी कोताही बरतने के मूड में नहीं है। गांव में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। क्षेत्रीय लेखपाल कृष्ण कुमार सागर ने बताया कि सरकारी भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के किए जा रहे इस निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति कायम है। आरोपियों के खिलाफ प्रशासन की ओर से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
