नियमों का हवाला देकर विभाग ने काटा पल्ला-संयुक्त परिवार में अलग राशन कार्ड बनना मुमकिन नहीं, जैनब की अर्जी खारिज
पीलीभीत। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नया राशन कार्ड बनवाने की उम्मीद लगाए बैठी एक महिला की उम्मीदों पर आपूर्ति विभाग ने पानी फेर दिया है। ग्राम पंचायत खमरिया पंडरी की रहने वाली जैनब ने नया राशन कार्ड बनवाने के लिए विभागीय स्तर पर और जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी इस शिकायत पर बरखेड़ा के पूर्ति निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने जांच रिपोर्ट पेश करते हुए स्पष्ट किया है कि शासनादेश और नियमों के मुताबिक एक ही संयुक्त परिवार में अलग-अलग राशन कार्ड जारी करना संभव नहीं है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद आवेदिका की शिकायत को पूरी तरह से निस्तारित कर बंद कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम खमरिया पंडरी विकास खंड बरखेड़ा, तहसील बीसलपुर निवासी जैनब पत्नी बिलाल रजा ने नया राशन कार्ड (पात्र गृहस्थी) बनवाने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग में आवेदन किया था। आवेदन के साथ उन्होंने अपनी कुल वार्षिक आय 54,000 रुपये दर्शाते हुए परिवार के चार सदस्यों (स्वयं, पति बिलाल रजा, बेटा अदनान रजा और बेटी अलीजा) का विवरण संलग्न किया था। विभाग से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल पर (शिकायत संख्या 40015126026417 और 40015126026419) के माध्यम से अपनी आवाज उठाई थी। उनकी शिकायत पर जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देशानुसार स्थानीय पूर्ति निरीक्षक ने पूरे मामले की गहनता से पड़ताल की।पूर्ति निरीक्षक द्वारा जिला पूर्ति अधिकारी को भेजी गई आधिकारिक आख्या में सामने आया है कि जैनब का परिवार एक संयुक्त परिवार के रूप में रह रहा है। जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता जैनब की सास लईकनव बेगम पत्नी मेहंदी हसन के नाम पर पहले से ही एक पात्र गृहस्थी राशन कार्ड संचालित हो रहा है। इस मौजूदा राशन कार्ड (संख्या 215140546160) में वर्तमान में कुल 3 यूनिट (लईकनव बेगम, मेहंदी हसन और मोहम्मद यामीन) दर्ज हैं और यह कार्ड क्षेत्र के कोटेदार के यहाँ पूरी तरह सक्रिय है। नियमों की व्याख्या करते हुए पूर्ति निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा है कि उत्तर प्रदेश शासन के मौजूदा शासनादेशों के अनुसार, यदि कोई परिवार संयुक्त रूप से एक साथ रह रहा है, तो उस परिवार के भीतर से ही किसी सदस्य के लिए अलग राशन कार्ड जारी किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। नियमानुसार एक संयुक्त परिवार में दो अलग-अलग राशन कार्ड नहीं बनाए जा सकते। प्रशासनिक रिपोर्ट के मुताबिक इस संबंध में शिकायतकर्ता जैनब को दिनांक 19 सितंबर को करीब सुबह 08:15 बजें पर दूरभाष और विभागीय माध्यम से सूचित भी किया गया था। विभाग ने उन्हें सलाह दी है कि वह पृथक राशन कार्ड की मांग छोड़ दें और अपने तथा अपने बच्चों के नाम अपनी सास लईकनव बेगम के पहले से चल रहे राशन कार्ड में ही ऑनलाइन संशोधन के जरिए जुड़वा लें। इसके अलावा नया कार्ड जारी करना नियम विरुद्ध होगा। इस तकनीकी और कानूनी अड़चन के कारण पूर्ति निरीक्षक ने इस मामले की अंतिम आख्या जिला पूर्ति अधिकारी को सौंपते हुए शिकायत को खारिज करने की संस्तुति कर दी है, जिससे अब आवेदिका को बड़ा झटका लगा है।
