बरेली: 11वां आयुर्वेद दिवस धूमधाम से मना: गांधी उद्यान में योगाभ्यास शिविर और विशाल रैली का आयोजन
बरेली। आयुष विभाग द्वारा बुधवार को गांधी उद्यान में 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर भव्य योगाभ्यास शिविर एवं जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार एवं जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर किया।
इसके पश्चात डॉ. गरिमा सिंह के मार्गदर्शन में योगाभ्यास कराया गया, जिसमें रोहिलखंड आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज व गंगाशील आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र-छात्राओं, विभागीय डॉक्टरों और नागरिकों समेत 500 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

आयुर्वेद व योग अपनाकर निरोगी रहने का दिया संदेश
सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने कहा कि आयुर्वेद को दैनिक जीवन में अपनाने से शारीरिक रोगों के साथ-साथ मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिलती है। उन्होंने 23 सितंबर को दिन और रात बराबर होने का उल्लेख करते हुए शरीर में वात, पित्त और कफ के संतुलन की दृष्टि से इस दिन के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति है जो संतुलित आहार और प्राकृतिक उपचार से स्वस्थ रहने का मार्ग दिखाती है। उन्होंने निरोगी रहने के लिए सभी से प्रतिदिन कम से कम एक घंटा योगाभ्यास करने की अपील की।
आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए गांधी उद्यान से चौपुला चौराहा होते हुए पुनः गांधी उद्यान तक एक विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली गई। सांसद व जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया, जिसमें प्रतिभागियों ने आयुर्वेद से जुड़े स्लोगन के साथ जन-सामान्य को जागरूक किया।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने दैनिक जीवन में आयुर्वेद के महत्व की जानकारी दी। इसके साथ ही शासनादेश के अनुपालन में जनपद के सभी 53 आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में भी भगवान धन्वंतरि पूजन, संगोष्ठियां, निःशुल्क चिकित्सा शिविर और औषधीय पौधों की जानकारी देने वाले कार्यक्रमों का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया।
इस दौरान जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू सिंह, जेडी/क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी डॉ. कुमुद सेन बेहरा, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. संजीव पटेल, डॉ. अमरीश अवस्थी, डॉ. पंकज कुमार सहित आयुष विभाग के अनेक चिकित्सक, योग प्रशिक्षक व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज कुमार ने किया।
