रामलीला: लक्ष्मण ने किया मेघनाद का वध, सुलोचना हुईं सती, गूंजे जयकारे
- निकुंभला देवी के मंदिर में हनुमान ने किया यज्ञ विध्वंस, बुधवार को होगा रावण के पुतले का दहन

पीलीभीत।श्री रामलीला महोत्सव संचालन समिति के तत्वावधान में रामलीला मैदान में चल रहे रामलीला महोत्सव में मंगलवार को लक्ष्मण-मेघनाद संवाद, युद्ध, मेघनाद वध और सुलोचना सती की लीला का सजीव व मनमोहक मंचन किया गया। मेघनाद का पुतला दहन होते ही चारों ओर लक्ष्मण जी के जयकारे गूंज उठे।
मंगलवार की लीला की मुख्य अतिथि नगर पंचायत नौगवां पकड़िया की अध्यक्ष संदीप-संतोख सिंह संधू रहीं। वहीं, सोमवार (19 अक्टूबर) की रासलीला के प्रमुख यजमान सौरभ सक्सेना, सुरभि सक्सेना, अशोक पाठक, विनीता सिंह सहित अन्य श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी और राधा रानी की भोग आरती की।

यज्ञ विध्वंस और मेघनाद का अंत
लीला के मंचन में दिखाया गया कि कुंभकरण वध के बाद मेघनाद निकुंभला देवी के मंदिर में अजेय होने के लिए गुप्त यज्ञ शुरू करता है। विभीषण की सूचना पर भगवान राम लक्ष्मण, जामवंत, हनुमान, नल, नील और अंगद को युद्ध के लिए भेजते हैं। हनुमान जी यज्ञ स्थल पर पहुंचकर मेघनाद का यज्ञ विध्वंस कर देते हैं और लक्ष्मण उसे युद्ध के लिए ललकारते हैं। दोनों के बीच भयंकर युद्ध होता है, जिसमें लक्ष्मण अपने तीक्ष्ण बाणों से मेघनाद का रथ और मस्तक काट देते हैं।
पति का मस्तक लेकर सती हुईं सुलोचना
मेघनाद की मृत्यु से लंका में शोक छा जाता है। उसकी पत्नी सुलोचना अपने पति का मस्तक लेने भगवान राम के पास पहुंचती है। भगवान राम सम्मानपूर्वक मस्तक उसे सौंप देते हैं, जिसे लेकर सुलोचना लंका लौटकर सती हो जाती है। इसके साथ ही मैदान में मेघनाद का पुतला धूं-धूं कर जल उठता है। लीला के बाद वृंदावन के कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की भव्य रासलीला का मंचन किया।
आज होगा रावण वध व भव्य आतिशबाजी
लीला का सफल संचालन संजय पांडेय ने किया। रामायणी निशांत तिवारी और अंकुर मिश्रा ने रामचरितमानस की चौपाइयों का सुमधुर गायन किया। इस अवसर पर महंत ओमकार नाथ, सुनील मिश्रा, अमरीश शर्मा अंबू, राकेश लोधी, नरेश शुक्ला, प्रेम सिंह, संजीव मिश्रा, सुधीर पाल सिंह समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व भक्तगण मौजूद रहे।
समिति ने बताया कि बुधवार, 21 अक्टूबर को रामलीला मैदान में अहिरावण वध, रावण वध और रावण के पुतला दहन की लीला का मंचन किया जाएगा। इस दौरान भव्य और सुंदर आतिशबाजी भी होगी।
