श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन गूंजे भगवान के जयकारे, संगीतमय कथा में सुनाया सृष्टि रचना का प्रसंग

बरखेड़ा : क्षेत्र के निकटवर्ती गांव गाजीपुर मुगल स्थित शिव मंदिर प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। व्यास गद्दी पर आसीन कथावाचक अनुपम शास्त्री ने संगीतमय भजनों के बीच सृष्टि की रचना का अत्यंत भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान पांडाल में गूंजते भगवान के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए व्यास जी ने बताया कि सृष्टि के आरंभ में केवल अंधकार और अज्ञान व्याप्त था, जिसमें संपूर्ण ब्रह्मांड सोया हुआ था। तब परमपिता परमात्मा ने अपनी दिव्य इच्छा से चेतना जगाई और सर्वप्रथम जल की रचना की। उस जल में ऊर्जा का बीज स्थापित हुआ, जिससे एक विराट स्वर्ण अंडा प्रकट हुआ। भगवान ने इसी अंडे को दो भागों में विभाजित कर आकाश और पृथ्वी का निर्माण किया।
उन्होंने आगे बताया कि इसके पश्चात ईश्वर ने अपनी शक्ति से पंचतत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश को व्यवस्थित किया तथा अंत में जीव-जंतुओं, मनुष्य और प्रकृति को उत्पन्न कर इस अद्भुत संसार को पूर्ण किया।
कथा के समापन एवं आरती के उपरांत कथा पंडाल में मौजूद सैकड़ों भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान पूजन व कथा की व्यवस्था में गांव के राजपाल, आंगन लाल, नरपत लाल, माखन लाल, नंदराम सहित अनेक ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा।
