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पीलीभीत: पुलिस की बड़ी कार्यवाई, ट्रेजरी गबन मामले में 5.28 करोड़ रुपये की धनराशि फ्रीज

पीलीभीत। जनपद में सरकारी धन के गबन के बड़े मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 53 बैंक खातों में जमा 5 करोड़ 28 लाख 57 हजार 605 रुपये की भारी-भरकम धनराशि को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय के चपरासी इल्हाम उर्र रहमान शम्सी द्वारा किए गए करोड़ों के ट्रेजरी घोटाले की जांच के क्रम में की गई है।

क्या है पूरा मामला?

बीते 13 फरवरी को जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार ने कोतवाली थाने में तहरीर दी थी कि इल्हाम उर्र रहमान शम्सी, जो मूल रूप से जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज बीसलपुर में तैनात था और DIOS कार्यालय में अटैच था, ने वेतन बिल और टोकन जनरेशन के कार्यों में हेरफेर की। आरोपी ने फर्जी और कूटरचित तरीकों से सितंबर 2024 से लेकर अब तक 98 ट्रांजेक्शन के जरिए शुरुआती जांच में करीब 1.02 करोड़ रुपये अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर किए थे।

पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे

पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देशन में चल रही जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

आरोपी ने गबन की गई राशि में से 90 लाख रुपये ‘जेएचएम इंफ्रा बरेली’ और 17.18 लाख रुपये ‘औरिका होम्स बिल्डर बरेली’ के खातों में ट्रांसफर किए थे। पुलिस ने इन कंपनियों को नोटिस जारी कर इस रकम से छेड़छाड़ न करने के निर्देश दिए हैं।

विवेचना में पता चला कि आरोपी ने अपनी पत्नी अर्शी खातून के नाम पर 33.30 लाख रुपये, तहसीन जहाँ के नाम पर 70 हजार रुपये और अजरा के नाम पर 25 लाख रुपये की एफडी कराई थी। पुलिस ने कुल 59 लाख रुपये की इन एफडी को भी फ्रीज करा दिया है। प्रकरण में अब तक कुल 53 संदिग्ध खातों को चिन्हित कर 5,28,57,605 रुपये की धनराशि रोकी जा चुकी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी इल्हाम की पत्नी अर्शी खातून को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण की गहनता से जांच के लिए 4 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसका प्रतिदिन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षण किया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि इस घोटाले में शामिल हर एक अभियुक्त के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब आरोपी के संभावित सहयोगियों और अन्य लाभार्थी खातों की भी सघनता से पड़ताल कर रही है, जिससे गबन की पूरी राशि की रिकवरी की जा सके।

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