पीलीभीत : रोडवेज कर्मचारियों का चक्का जाम, भीषण गर्मी में यात्री परेशान; ARM के आश्वासन पर खुला जाम
पीलीभीत। सोमवार सुबह रोडवेज डिपो में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने अचानक चक्का जाम कर दिया। कर्मचारियों के इस औचक प्रदर्शन के कारण करीब चार घंटे तक डिपो से एक भी बस बाहर नहीं निकल सकी। चक्का जाम होने से इस भीषण गर्मी में बस अड्डों पर यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
चार घंटे थमे रहे बसों के पहिए
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह होते ही रोडवेज कर्मचारी एकजुट हो गए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए बस संचालन को पूरी तरह ठप कर दिया। लगभग चार घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण डिपो के अंदर ही बसें खड़ी रहीं। जो यात्री सुबह-सुबह अपने गंतव्य के लिए निकले थे, वे बस स्टैंड पर ही फंस गए। तपती गर्मी और उमस के बीच बच्चों और बुजुर्गों समेत सैकड़ों यात्रियों को बेहाल होना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे रोडवेज कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
कर्मचारियों का कहना है कि डिपो में डीजल ऑपरेटरों की कमी के कारण काम का बोझ बढ़ रहा है और संचालन में दिक्कतें आ रही हैं।
डिपो परिसर और ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।
एआरएम के आश्वासन पर शांत हुआ हंगामा
हंगामे और यात्रियों की बढ़ती परेशानी की सूचना मिलते ही सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (ARM) विपुल पाराशर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों से वार्ता की और उनकी सभी जायज मांगों को गंभीरता से सुना।
एआरएम विपुल पाराशर ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि डीजल ऑपरेटरों की कमी को जल्द ही दूर किया जाएगा और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को भी दुरुस्त कराया जाएगा।
अधिकारी के इस लिखित/मौखिक आश्वासन के बाद कर्मचारी शांत हुए और अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इसके बाद बसों का संचालन दोबारा शुरू हो सका, तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
