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पुलिस जांच में लूट की वारदात निकली फर्जी, मुकदमे में लाभ पहुंचाने के लिए रची गई थी कहानी

पीलीभीत (बरखेड़ा)। थाना क्षेत्र में लूट की जिस घटना से शनिवार को सनसनी फैल गई थी, वह पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी निकली। पुलिस के अनुसार, मुकदमे में लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लूट की झूठी कहानी गढ़ी गई थी। मामले में झूठी सूचना देने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
थाना क्षेत्र के गांव मधैय्या निवासी पूरन सिंह पुत्र ऊदल सिंह ने शनिवार को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसने एक पार्सल बुक कराया था। डिलीवरी बॉय के फोन पर वह अपने पिता के साथ बुलेट मोटरसाइकिल से नगरा चौराहे के पास पार्सल लेने जा रहा था। आरोप था कि रास्ते में पांच नकाबपोश बदमाशों ने तमंचे के बल पर उन्हें रोक लिया और 70 हजार रुपये की नकदी तथा बुलेट मोटरसाइकिल लूटकर फरार हो गए।
सूचना मिलते ही बरखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को घटनाक्रम संदिग्ध लगा। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पाया कि लूट की कहानी मनगढ़ंत थी।
जांच में यह भी सामने आया कि जिस बुलेट मोटरसाइकिल को लूटा जाना बताया गया, वह पूरन सिंह के चाचा धर्मवीर सिंह के नाम पंजीकृत है, जिन्हें यह वाहन दहेज में मिला था। धर्मवीर सिंह और उनकी पत्नी ज्योति के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा है तथा ज्योति की ओर से थाना गजरौला में पति व अन्य ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है, जो न्यायालय में विचाराधीन है।
पुलिस के अनुसार, यह तथ्य भी सामने आया कि ज्योति के भाई और पूरन सिंह के बीच नगरा चौराहे पर पहले कहासुनी हुई थी। जांच के आधार पर पुलिस ने लूट की घटना को असत्य पाया।
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया कि लूट की सूचना पूरी तरह झूठी थी। उन्होंने बरखेड़ा थाना पुलिस को झूठी सूचना देने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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