बजाज शुगर मिल कॉलोनी में चोरी, दो बंद आवासों के ताले तोड़े
- एचआर असिस्टेंट मैनेजर और केन विभाग के कर्मचारी के आवास बने निशाना
- अलमारी-लॉकर तोड़कर फरार हुए चोर, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
पीलीभीत: बजाज शुगर मिल की कॉलोनी में बड़ी चोरी, दो बंद क्वार्टरों के ताले तोड़कर सामान समेटा
पीलीभीत (बरखेड़ा)। जनपद की बरखेड़ा स्थित बजाज हिंदुस्थान शुगर मिल की आवासीय कॉलोनी से चोरी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सुरक्षा गार्डों के 24 घंटे कड़े पहरे के बावजूद, अज्ञात चोरों ने मिल परिसर के भीतर दो बंद क्वार्टरों को निशाना बनाते हुए चोरी की घटना को अंजाम दिया। मंगलवार सुबह इस वारदात का पता चलते ही मिल कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और मिल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, चीनी मिल में असिस्टेंट मैनेजर (एचआर) संजीव बाजपेई पारिवारिक कार्य से लखनऊ गए हुए थे, जबकि केन विभाग के कर्मचारी संजीव फरीदी भी शनिवार को मेरठ गए थे। दोनों अपने-अपने आवासों में ताला लगाकर बाहर थे। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर चोरों ने दोनों क्वार्टरों के ताले चटका दिए।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह पड़ोसी कर्मचारी अनुज शुक्ला की नज़र सबसे पहले संजीव बाजपेई के क्वार्टर के टूटे ताले पर पड़ी, जिसकी सूचना उन्होंने तुरंत मिल प्रबंधन को दी। इसी बीच संजीव फरीदी के आवास पर जब खाना बनाने वाली महिला पहुंची, तो उसने भी मुख्य दरवाज़े का ताला टूटा देखा। दो घरों में एक साथ चोरी की खबर से मिल प्रशासन में खलबली मच गई और तत्काल पुलिस को सूचित किया गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की, तो संजीव बाजपेई के घर के अंदर अलमारी और लॉकर टूटे हुए पाए गए। कमरों में सामान बिखरा पड़ा था और आभूषण रखने वाले डिब्बे खाली मिले, जिससे आशंका है कि चोर कीमती जेवरात और नकदी समेट ले गए हैं। चोरी गए कुल सामान की सटीक जानकारी दोनों कर्मचारियों के लौटने के बाद ही मिल सकेगी। घटना की सूचना पाकर दोनों कर्मचारी बरखेड़ा के लिए रवाना हो गए हैं। फॉरेंसिक टीम की मदद से फिंगरप्रिंट्स और अन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं। मिल कॉलोनी और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
24 घंटे सुरक्षा घेरे और गार्डों की तैनाती वाली वीआईपी कॉलोनी में हुई इस बेखौफ चोरी से मिल कर्मचारी बेहद चिंतित हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अगर सुरक्षित परिसर के भीतर ही अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं, तो मिल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हो रही है।
