बिजली विभाग के तानाशाही रवैये के खिलाफ, व्यापारियों का फूटा गुस्सा, मुख्यमंत्री को भेजा 5-सूत्रीय ज्ञापन
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग की कथित दमनकारी नीतियों, बेतहाशा बढ़ती दरों और अघोषित कटौती के खिलाफ उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल महेंद्रू के नेतृत्व में आज व्यापारियों और उद्योगपतियों के एक विशाल प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक अत्यंत महत्वपूर्ण 5-सूत्रीय मांग पत्र अपर जिलाधिकारी (एडीएम) रोशनी यादव को सौंपा गया।
पड़ोसी राज्यों में पलायन को मजबूर हैं उद्योग
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए जिला अध्यक्ष एम.ए. जिलानी ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा वर्तमान में बिजली विभाग पूरी तरह तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। उत्तर प्रदेश में बिजली की बढ़ती महंगाई के कारण यहां के उद्योग और व्यापार पड़ोसी राज्यों में पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। अगर इसे तुरंत नहीं रोका गया, तो प्रदेश के औद्योगिक विकास को भारी झटका लगेगा और सरकार को बड़े राजस्व की हानि होगी।
नगर अध्यक्ष रणवीर पाठक ने मुख्यमंत्री को भेजे गए मांग पत्र कहा कि 2 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले छोटे उपभोक्ताओं के लिए बिजली मीटर के दाम ₹750 से बढ़ाकर सीधे ₹5300 कर दिए गए हैं। इस अनुचित वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए।
47 लाख उपभोक्ताओं का अवैध लोड निरस्त हो
पूरे प्रदेश में लगभग 47 लाख उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के एकतरफा बढ़ा दिया गया है। जब विभाग पहले से ही ‘डिमांड पेनल्टी’ वसूलता है, तो एकतरफा लोड बढ़ाना पूरी तरह अवैध है।
अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी की मनमानी वसूली पर रोक:
जबरन लोड बढ़ाने के बाद अब नई दरों पर अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी मांगी जा रही है, जिससे जनता और व्यापारियों पर अरबों रुपये का सीधा आर्थिक भार पड़ेगा।
10% ईंधन अधिभार (फ्यूल सरचार्ज) समाप्त हो
उपभोक्ताओं के मासिक बजट को बिगाड़ने वाले इस 10% अतिरिक्त टैक्स को बिजली बिलों से तुरंत हटाया जाए।
युवा जिला अध्यक्ष शैली शर्मा ने जिले में हो रही भीषण और अनियमित कटौती पर नाराजगी जताते हुए उद्योगों व व्यापार को सुचारू रूप से चलाने के लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की।
एडीएम ने दिया तत्काल कार्रवाई का आश्वासन
व्यापारियों की गंभीर समस्याओं को सुनने के बाद अपर जिलाधिकारी रोशनी यादव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस संवेदनशील मामले और जनहित से जुड़े मांग पत्र को आज ही शीर्ष प्राथमिकता के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय, लखनऊ प्रेषित कर दिया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल महेंद्रू, जिला अध्यक्ष एम.ए. जिलानी, नगर अध्यक्ष रणवीर पाठक, युवा जिला अध्यक्ष शैली शर्मा के साथ सपना यादव, नाहिद ख़ान, राशिद अंसारी, ऋषभ सिंह, अतुल जायसवाल, संदीप सक्सेना, शोभनीय सिंह, पूजा, राधा, रणजीत कौर, वसीम और आसिफ ख़ान समेत सैकड़ों की संख्या में स्थानीय व्यापारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
