श्री कृष्ण जन्माष्टमी मेले के चौथे दिन जीवंत रही मीराबाई की भक्ति, वृंदावन के कलाकारों ने मोहा मन
बरखेड़ा। कस्बा बरखेड़ा में चल रहे दस दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी मेले के चौथे दिन रात्रि में रंगमंच पर भगवान श्री कृष्ण और मीराबाई के प्रेम की अलौकिक कथा का जीवंत मंचन किया गया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत इस सुंदर लीला ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
लीला के माध्यम से यह दर्शाया गया कि कैसे मेड़ता की राजकुमारी मीराबाई ने चित्तौड़गढ़ के राजवंश में विवाह के बाद सांसारिक बंधनों और महलों के सभी सुखों को त्याग दिया। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन श्री कृष्ण को अपना एकमात्र आराध्य और पति मानकर उनकी भक्ति में समर्पित कर दिया। उनकी यह अनन्य और विरह-प्रधान भक्ति आज भी अमर प्रेम का प्रतीक है।
दर्शकों से खचाखच भरे मैदान में वृंदावन से पधारे ‘राधिका कृष्ण कीर्तन मंडल’ के कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति और भजनों से सबका मन मोह लिया, जिस पर दर्शक बीच-बीच में मंत्रमुग्ध होकर आनंदित होते रहे। कलाकारों की इस उत्कृष्ट कला से प्रसन्न होकर मेला अध्यक्ष ध्रुव कुमार पांडेय और कोषाध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने उन्हें ₹1,100 का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
