बहादुरपुर हुक्मी गाँव में तेंदुए का खौफ जारी, मवेशियों के बाद अब ग्रामीणों पर हमले से दहला इलाका,बाल बाल बचा किसान
बरखेड़ा : बरखेड़ा क्षेत्र के बहादुरपुर हुक्मी गाँव में पिछले दो सप्ताह से एक तेंदुए ने आतंक मचा रखा है। शुक्रवार की सुबह हुई एक घटना ने ग्रामीणों की चिंता और डर को और अधिक बढ़ा दिया है।शुक्रवार सुबह लगभग 7 बजे बहादुरपुर हुक्मी निवासी किसान छत्रपाल अपने डनलप बैलों को लेकर खेत पर चारा लेने गए थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे तेंदुए ने बैलों पर हमला कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए किसान को अपना डनलप और बैल वहीं छोड़कर उल्टे पैर गाँव की तरफ भागना पड़ा। तेंदुआ एक बछड़े को अपना निवाला बनाकर उसे घने जंगल में खींच ले गया। बाद में गाँव के 25-30 ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर मौके पर पहुँचकर डनलप और बैल को सुरक्षित वापस निकाला।
तेंदुए के बढ़ते आतंक का सीधा असर गाँव के बच्चों की शिक्षा पर पड़ा है। गाँव के सरकारी कंपोजिट स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में फिर से सन्नाटा पसर गया है। अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें स्कूल भेजना बंद कर दिया है। विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यपक प्रेम नारायन गंगवार ने बताया कि हालात की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है, लेकिन अभी भी ग्रामीणों में डर का माहौल व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब तक कुल 8 मवेशी तेंदुए का शिकार हो चुके हैं। ग्राम प्रधान अमित गंगवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि दो दिन पूर्व वन विभाग द्वारा लगाए गए कैमरों की जांच के लिए भी कोई कर्मचारी नहीं पहुँचा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के घंटों बाद विभाग की टीम पहुँचती है और उनका प्रयास तेंदुए को पकड़ने के बजाय केवल उसे भगाने का होता है, जिससे खतरा बना हुआ है।
पूरा गाँव इस समय दहशत के साये में जीने को मजबूर है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएं या उसे जंगल के भीतर खदेड़ने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि गाँव वालों का जनजीवन सामान्य हो सके।
बन क्षेत्राधिकारी रोहित जोशी ने बताया कि आज के हमले की सूचना के बाद बन कर्मियों को मौके पर भेजा गया हैं केवल पगचिन्ह ही मिले है कैमरे में तेन्दुया की कोई तस्वीर नही मिली हैं ,अभी पिंजरा लगाना सम्भव नही हैं।
