पीलीभीत में राजनीतिक हलचल: दिल्ली में विपक्ष की गिरफ्तारी के विरोध की आशंका पर पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा समेत कई दिग्गज नेता आधी रात को नजरबंद
पीलीभीत।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विपक्षी दल के प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में देशभर में संभावित प्रदर्शनों के मद्देनजर पीलीभीत जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति या विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने बीती रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को उनके आवासों पर नजरबंद कर दिया है।
आधी रात को हुई इस अचानक कार्रवाई से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने देर रात से ही इन नेताओं के घरों पर पहुंचकर उन्हें बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी।
प्रशासन द्वारा हेमराज वर्मा (पूर्व राज्यमंत्री) ,सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा के साथ विभिन्न विपक्षी संगठनों के अन्य प्रमुख नेता और कार्यकर्ता को अपने घरों में प्रतिबंधित किया गया हैं।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तड़के से ही संबंधित नेताओं के आवासों के बाहर भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों को तैनात कर दिया गया है, ताकि कोई भी नेता या कार्यकर्ता एकत्र होकर सड़कों पर न उतर सके।
अपने ही घरों में नजरबंद किए गए विपक्षी नेताओं ने शासन और प्रशासन की इस कार्रवाई पर गहरा रोष व्यक्त किया है। नेताओं ने संयुक्त रूप से बयान जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। जब वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रहे थे, तब पुलिस प्रशासन ने उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करते हुए उन्हें आधी रात को घरों में कैद कर दिया, जो सरकार के डर और तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है।
