लापरवाही: 80 हजार ऐंठकर थमाई नवजात की मौत, विरोध पर झूठे मुकदमे की दी धमकी, स्वास्थ्य विभाग पर उठे कई सवाल
बरेली (सिरौली)। स्वास्थ्य विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली और अवैध नर्सिंग होम संचालकों के हौसले ने एक और हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया। सिरौली स्थित एस.के. नर्सिंग होम में घोर चिकित्सीय लापरवाही के चलते 9 माह के नवजात की गर्भ में ही मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने पीड़ित गरीब पिता से 80 हजार रुपये ऐंठ लिए और विरोध करने पर जान से मारने व झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
ग्राम ब्योधन बुजुर्ग निवासी जितेंद्र ने अपनी 9 माह की गर्भवती पत्नी प्रीति को 13 अगस्त को प्रसव पीड़ा होने पर एस.के. नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन ने पहले नॉर्मल डिलीवरी का झांसा दिया, लेकिन 14 अगस्त की सुबह अचानक ऑपरेशन का दबाव बनाकर मोटी रकम की मांग शुरू कर दी। इस दौरान महज 18 घंटे के भीतर तीन बार अल्ट्रासाउंड कराया गया। इसके बाद भी नवजात को बचाया नहीं जा सका और गर्भ में ही उसकी मौत हो गई।
नर्सिंग होमपर फर्जीवाड़े का भी आरोप है जिस्जस पंजीकरण किसी महिला के नाम पर दर्ज है, लेकिन ऑपरेशन एक बाहरी पुरुष डॉक्टर द्वारा बिना जरूरी मानकों के किया गयाहै।
आरोप है कि पीड़ित से 80,000 रुपये नकद वसूले गए, लेकिन न तो कोई बिल दिया गया और न ही अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट सौंपी गई।
18 अगस्त को जब पीड़ित ने दवा लेने के दौरान इस धोखाधड़ी का विरोध किया, तो अस्पताल संचालक व कर्मियों ने ऊपर तक पहुंच का हवाला देते हुए झूठे छेड़छाड़ के मुकदमे में जेल भिजवाने की धमकी दी।
पीड़ित पिता ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) बरेली से करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। परिजनों ने अस्पताल संचालक और फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई कर अस्पताल को सील करने की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस अवैध नर्सिंग होम पर क्या कार्रवाई करता है।
